आर्थिक सर्वेक्षण 2021: जानें इसका महत्व और बजट से संबंध, 1 फरवरी को पेश होगा बजट

 28 Jan 2021 06:54 PM

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को बजट पेश करेंगी। कोरोना के चलते इस बार बजट को प्रिंट नहीं किया गया है। इसके लिए सरकार ने बजट ऐप जारी किया है। यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का तीसरा बजट होगा। कोरोना के कारण निगेटिव ग्रोथ में चल रही अर्थव्यवस्था के लिहाज से यह बजट ऐतिहासिक इसलिए होगा क्योंकि इस बार ये पेपरलेस होगा। इस बार 29 जनवरी को मुख्य आर्थिक सलाहकार के मार्गदर्शन में तैयार आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा। बजट सरकार आगामी वित्त वर्ष के लिए पेश करती है, लेकिन इकोनॉमिक सर्वे मौजूदा वित्त वर्ष का लेखा-जोखा होता है। तो आइए जानते हैं कि आर्थिक सर्वेक्षण का क्या महत्व है और इसका बजट से क्या संबंध है...

 

क्या है आर्थिक सर्वेक्षण
आर्थिक सर्वेक्षण अर्थव्यवस्था की सालाना आधिकारिक रिपोर्ट होती है। इस दस्तावेज को बजट सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों में पेश किया जाता है। इसमें भविष्य में बनाई जाने वाली योजानाओं और अर्थव्यवस्था में आने वाली चुनौतियों की सारी जानकारी दी जाती है। इस सर्वेक्षण में देश के आर्थिक विकास का अनुमान होता है। आर्थिक सर्वेक्षण में इस बात की जानकारी दी जाती है कि आगामी वित्त वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ेगी या फिर धीमी रहेगी। सर्वेक्षण के आधार पर ही सरकार द्वारा बजट में ऐलान किए जाते हैं, हालांकि इन सिफारिशों को मानने के लिए सरकार कानूनी तौर पर बाध्य नहीं होती है।

आर्थिक सर्वेक्षण 2021 से क्या उम्मीदें हैं?
इस बार कोरोना महामारी के चलते देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा है। सर्वेक्षण से यह अनुमान लगाया जा सकेगा कि भारतीय अर्थव्यवस्था को कितना नुकसान हुआ है। सर्वेक्षण में वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों पर विचार करने और समाधानों की पेशकश करने की अपेक्षा की गई है, जो देश को 5 ट्रिलियन डॉलर लक्ष्य प्राप्त करने में मदद करेगा। लोगों का मानना है कि आर्थिक सर्वेक्षण के आधार पर बजट तैयार होता है, लेकिन वास्तव में आर्थिक सर्वेक्षण बजट का मुख्य आधार है। इसमें प्रधानमंत्री के मुख्य आर्थिक सलाहकार की राय शामिल होती है। ऐसा जरूरी नहीं कि आर्थिक सर्वेक्षण की बातें बजट में हों।

दो भागों में बांटा गया बजट सत्र 
लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया था कि इस बार का बजट दो अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है। पहला सत्र 29 जनवरी से 15 फरवरी तक चलेगा जबकि दूसरा सत्र 8 मार्च से 8 अप्रैल तक चलेगा। सभी सांसदों को कोरोना टेस्ट करवाना अनिवार्य रहेगा। 

23 जनवरी को हुई थी हलवा सेरेमनी
वित्त मंत्रालय द्वारा 23 जनवरी को हलवा सेरेमनी आयोजित की गई थी। जिसमें बजट बनाने की प्रक्रिया में शामिल सभी लोग हिस्सा लिया। इस हलवा सेरेमनी के बाद बजट से जुड़े अधिकारी दस दिनों तक नार्थ ब्लाक के बेसमेंट में रहते हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जबतक बजट संसद में पेश नहीं हो जाता उन्हें बाहर की दुनिया से अलग रखा जाता है। ऐसा इसलिए होता है ताकि बजट की गोपनीयता बनी रहे।