सप्लाई और स्टॉक के साथ तैयार एफएमसीजी कंपनियां

 11 Apr 2021 01:15 AM

नई दिल्ली। कोविड के केस में हालिया उछाल के चलते लॉकडाउन के बढ़ते खतरे को लेकर लोगों में रोजमर्रा के सामान खरीदने को लेकर अफरा-तफरी मचने की खबरें आ रही हैं, लेकिन उनको ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं, क्योंकि कंपनियों ने पिछली बार से सबक लेते हुए सप्लाई चेन में होने वाली दिक्कत और स्टॉक में कमी से निपटने के तरीके निकाले हैं। पोर्टल, ऐप या वॉट्सएप वगैरह पर आॅर्डर - एफएमसीजी और रिटेल कंपनियां कस्टमर से सीधे कनेक्ट होने के लिए अपने पोर्टल, ऐप या वॉट्सऐप वगैरह पर आॅर्डर ले रही हैं। थोक में सामान बेचने वाली मेट्रो कैश एंड कैरी ने पिछले साल सप्लाई मिलने में हुई दिक्कतों पर गौर किया है। उसने यह भी पता करने की कोशिश की है कि लोगों की खरीदारी के तौर-तरीकों में क्या बदलाव आए हैं। डिस्ट्रीब्यूटर और आउटलेट में सप्लाई की फ्रिक्वेंसी बढ़ा रही हैंजहां तक खुदरा कंपनियों की बात है, तो उन्होंने अपनी आॅनलाइन सेल्स को मजबूत बनाया है। सामान बेचने के लिए ऐप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल शुरू किया है और उससे दुकानों को जोड़ा है। डाबर की कोशिश है कि सप्लाई चेन में ज्यादा दिक्कत न आए। पिछले साल उसने कॉल सेंटर और वॉट्सऐप के जरिए आॅर्डर लेना शुरू किया था। इस बार डिस्ट्रीब्यूटर और आउटलेट में सप्लाई की फ्रिक्वेंसी बढ़ाई है।

1स्टॉक को दुकानों के करीब रखने की कोशिश

μयूचर ग्रुप का रिटेल ब्रांड बिग बाजार कस्टमर को दो घंटे में डिलीवरी दे रहा है। इमामी सप्लाई चेन दुरुस्त रखने के लिए तैयार माल का स्टॉक बना रही है। कंपनी स्टॉक को दुकानों के करीब रखने की कोशिश कर रही है।

सप्लाई को लेकर चिंता नहीं

ईवाएके पार्टनर, पिनाकीरंजन मिश्रा के मुताबिक, कोविड बढ़ने से रिटेल सेक्टर पर दबाव बनेगा। लोगों का मॉल और स्टोर जाना कम होने पर आॅफलाइन सेल घटेगी, लेकिन आॅनलाइन सेल बढ़ेगी। सप्लाई को लेकर पहले जितनी चिंता नहीं है।

घर से बाहर खाने-पीने के सामान की खपत में गिरावट

खाने-पीने का सामान बेचने वाली कंपनियों के लिए घर से बाहर होने वाली खपत में गिरावट चिंता बन सकती है। इसमें रिकवरी के संकेत मिल रहे थे, लेकिन इस पर लॉकडाउन के चलते लगाम लग सकती है।

खाने-पीने के सामान के बड़े पैकेट की ज्यादा मांग

पेप्सिको इंडिया के प्रवक्ता के मुताबिक, पिछले दो महीनों से घरों में खाए-पिए जाने वाले प्रोडक्ट की मांग बढ़ी है। परिवारों में मिल बैठने के मौके ज्यादा बन रहे हैं, ऐसे में खाने-पीने के सामान के बड़े पैकेट की मांग काफी बढ़ी है।