चार दशक में अर्थव्यवस्था को सबसे बड़ा झटका, 2020-21 में जीडीपी ग्रोथ -7.3% रही

 31 May 2021 08:26 PM

नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2020-21 में देश की जीडीपी ग्रोथ -7.3% रही है। 2019-20 में यह -4.2% थी। यह चार दशक में सबसे बड़ी गिरावट है। हालांकि, पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में जीडीपी 1.6 फीसदी बढ़ी है। इससे पहले 1979-80 में ग्रोथ रेट -5.2% दर्ज की गई थी। तब सूखा पड़ा था।

हालांकि, जनवरी से मार्च के दौरान यानी चौथी तिमाही में जीडीपी की विकास दर 1.6% रही है। वित्त वर्ष 2020-21 में 4 तिमाहियों में पहली दो तिमाही में जीडीपी में गिरावट रही, जबकि आखिरी दो तिमाही में इसमें बढ़त देखी गई। 

सरकार द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था 2020-21 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के दौरान 1.6 प्रतिशत की दर से बढ़ी, जबकि पूरे वित्त वर्ष के दौरान जीडीपी में 7.3 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। हालांकि, जनवरी-मार्च 2021 के दौरान वृद्धि दर इससे पिछली तिमाही अक्टूबर-दिसंबर 2020 के 0.5 प्रतिशत वृद्धि के मुकाबले बेहतर थी।

वित्‍त वर्ष 2019-20 में चार प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई थी जो 11 वर्ष के लिहाज से सबके कम थी। अर्थव्‍यवस्‍था के लिहाज यह खराब प्रदर्शन मैन्‍युफेक्‍चरिंग और कंस्‍ट्रक्‍शन सेक्‍टर के संकुचन के कारण था। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा वित्त वर्ष 2020-21 की जीडीपी ग्रोथ रेट का यह आंकड़ा जारी किया गया है। इससे पता चलता है कि 1980-81 के बाद पहली बार जीडीपी ऋणात्मक रहते हुए सिकुड़ गई है। यानी इसमें बढ़ोतरी के बजाय कमी आई है।