चालू वित्त वर्ष 2020-21 में जीडीपी में 7.7 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान

 07 Jan 2021 07:28 PM

नई दिल्ली। कोरोना की मार इस वित्तीय वर्ष में भी देश की अर्थव्यवस्था पर देखने को मिलेगी। पिछले कुछ सालों से लगातार बढ़ रहा जीडीपी इस वित्त वर्ष में घट सकता है। भारत सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष 2020-21 में भारत की जीडीपी में 7.7 फीसद की गिरावट का अनुमान है। इससे पिछले वित्त वर्ष 2019-20 में आर्थिक वृद्धि दर 4.2 प्रतिशत रही थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा गुरुवार को जारी राष्ट्रीय आय के पहले अग्रिम अनुमान में कहा गया है कि कृषि को छोड़कर अर्थव्यस्था के लगभग सभी क्षेत्रों में गिरावट आएगी।
 

दस लाख करोड़ से ज्यादा गर सकता है जीडीपी: 
एनएसओ के अनुसार 2020-21 में स्थिर मूल्य (2011-12) पर वास्तविक जीडीपी या जीडीपी 134.40 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। वहीं, 2019-20 में जीडीपी का शुरूआती अनुमान 145.66 लाख करोड़ रुपये रहा है। 2020-21 में वास्तविक जीडीपी में अनुमानत: 7.7 प्रतिशत की गिरावट आएगी। इससे पहले साल 2019-20 में जीडीपी की वृद्धि दर 4.2 प्रतिशत रही थी। 

सरकार के इन अनुमानों से कुछ दिन पहले ही इंडिया रेटिंग्स ने दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में अर्थव्यवस्था में उम्मीद से बेहतर सुधार के मद्देनजर चालू वित्त वर्ष 2020-21 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में गिरावट के अपने अनुमान को घटाकर 7.8 फीसद कर दिया था। 
इंडिया रेटिंग्स की रिपोर्ट में भी कहा गया है कि महामारी और लॉकडाउन के दौरान कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। चालू वित्त वर्ष में कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 3.5 फीसद रहने का अनुमान है। वहीं उद्योग और सेवा क्षेत्र में क्रमश: 10.3 और 9.8 फीसद की गिरावट का अनुमान है।