सरकार का आयातकों को दलहनों के स्टॉक की सीमा में छूट देने का निर्णय

 20 Jul 2021 01:08 AM

नई दिल्ली। सरकार ने दलहन के आयातकों को स्टॉक (भंडारण) की सीमा से छूट देने की घोषणा की है। इसके अलावा मिलों तथा थोक कारोबारियों के लिए भी नियमों को उदार किया गया है। केंद्र ने यह कदम देश में प्रमुख दलहनों की कीमतों में कमी आने के बाद उठाया है। सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अब स्टॉक की सीमा 31 अक्टूबर तक सिर्फ तुअर, उड़द, चना और मसूर दाल पर लागू होगी। हालांकि, इन इकाइयों को उपभोक्ता मामलों के विभाग के पोर्टल पर अपने स्टॉक की सूचना देना जारी रखना होगा। इस बारे में एक संशोधित आदेश को अधिसूचित किया गया है। बयान में कहा गया है, दलहन के आयातकों को स्टॉक की सीमा से छूट देने का फैसला किया गया है। हालांकि, उन्हें अपने स्टॉक की घोषणा उपभोक्ता मामलों के विभाग के पोर्टल पर करनी होगी। थोक व्यापारियों के लिए स्टॉक की सीमा 500 टन की होगी। किसी एक दाल की किस्म के लिए स्टॉक की सीमा 200 टन से अधिक नहीं होगी। वहीं मिलों के लिए स्टॉक की सीमा छह माह का उत्पादन या 50 प्रतिशत की स्थापित क्षमता, जो भी अधिक है, रहेगी। वहीं खुदरा व्यापारियों के लिए स्टॉक की सीमा वहीं पांच टन की रहेगी। बयान में कहा गया है कि मिलों के लिए स्टॉक सीमा में छूट से किसानों को तुअर और उड़द की खरीफ बुवाई के लिए समय में आश्वस्त करने में मदद मिलेगी। आयातकों, मिलों, खुदरा तथा थोक व्यापारियों को स्टॉक की घोषणा पोर्टल पर करना जारी रखना होगा। यदि उनके पास तय सीमा से अधिक स्टॉक है, तो उन्हें 19 जुलाई को जारी अधिसूचना के 30 दिन के अंदर इसे तय सीमा में लाना होगा। सरकार ने दो जून को थोक और खुदरा व्यापारियों, आयातकों तथा मिलों के लिए अक्टूबर तक मूंग को छोड़कर सभी दलहनों के लिए स्टॉक की सीमा की घोषणा की थी। आयातकों तथा थोक व्यापारियों के लिए स्टॉक की सीमा 200 टन तथा खुदरा व्यापारियों के लिए पांच टन तय की गई थी।