गूगल-फेसबुक जैसी मल्टीनेशनल कंपनियों पर लग सकेगा 15% टैक्स

 08 Jun 2021 01:44 AM

नई दिल्ली। दुनिया की 7 बड़ी अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों में ग्लोबल टैक्सेशन सिस्टम पर सहमति बन गई है। इन देशों को ग्रुप ऑफ सेवन यानी जी7 कहा जाता है। इनमें अमेरिका, ब्रिटेन, जमर्नी, फ्रांस, कनाडा, इटली और जापान जैसे विकसित देश शामिल हैं। हाल ही में लंदन में जी7 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नर की दो दिवसीय बैठक में 15% ग्लोबल मिनिमम कॉरपोरेट टैक्स को लेकर सहमति बनी है। इसका मतलब यह है कि यह देश गूगल, फेसबुक और ट्विटर जैसी मल्टीनेशनल कंपनियों से कम से कम 15% टैक्स ले सकेंगे। इस समझौते से भारत को भी फायदा:जी-7 देशों के बीच ग्लोबल मिनिमम कॉरपोरेट टैक्स को लेकर हुए समझौते से भारत को भी फायदा मिलेगा। जानकारों का कहना है कि भारत का मौजूदा टैक्स रेट ग्लोबल मिनिमम टैक्स रेट से ज्यादा है। इससे भारत में कारोबार करने वाली कंपनियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। नांगिया एंडर्सन इंडिया के चेयरपर्सन राकेश नांगिया का कहना है कि इससे भारत अपने बड़े बाजार के लिए विदेशी निवेश आकर्षित कर सकेगा। उन्होंने कहा कि भारत के पास कंपटीटिव दरों पर अच्छी लेबर, निर्यात के लिए रणनीतिक लोकेशन और एक संपन्न प्राइवेट सेक्टर है।

टेक कंपनियों के लिए बड़ा बाजार है भारत

कंसल्टिंग फर्म एकेएम ग्लोबल टैक्स पार्टनर के अमित माहेश्वरी का कहना है कि जी-7 देशों के बीच हुए समझौते से भारत को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसका कारण यह है कि भारत टेक कंपनियों के लिए बड़ा बाजार है। यह देखा जाना बाकी है कि देशों के बीच बाजार का आवंटन कैसा होगा। कम से कम 15फीसदी ग्लोबल मिनिमम टैक्स का मतलब है कि भारत की टैक्स प्रणाली अभी काम करती रहेगी और भारत निवेश को लगातार आकर्षित करता रहेगा।

भारत ने सितंबर 2019 में घटाया था कॉर्पोरेट टैक्स

भारत ने सितंबर 2019 में कॉरपोरेट टैक्स की दरों में कटौती की थी। टैक्स की दरों को घटाकर 25फीसदी किया गया था। वहीं नई घरेलू मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने पर टैक्स की दर को 22 फीसदी से घटाकर 15 फीसदी किया गया था।