पीएनबी को वित्त वर्ष 2020-21 में 2,022 करोड़ रुपए का फायदा

 06 Jun 2021 01:27 AM

मुंबई। देश के दूसरे सबसे बड़े बैंक पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2022 में उसको 6 हजार करोड़ रुपए का फायदा हो सकता है। वित्त वर्ष 2021 यानी पिछले साल के अप्रैल से इस साल के मार्च के बीच बैंक को 2,022 करोड़ रुपए का फायदा हुआ है। यानी अगले साल उसे तीन गुना ज्यादा फायदा की उम्मीद है।

तिमाही रिजल्ट जारी किया

बैंक ने शनिवार को अपना मार्च तिमाही का रिजल्ट घोषित किया। बैंक ने बताया कि उसे अनुमान है कि उसके सालाना फायदा में तीन गुना की बढ़त वित्त वर्ष 2022 में दिखेगी। कोरोना के बावजूद बैंक ने पिछले वित्त वर्ष में अच्छा फायदा कमाया है। मार्च 2020 में इसका फायदा महज 363 करोड़ रुपए था। यह मार्च 2021 में 6 गुना से ज्यादा बढ़ गया। बैंक को मार्च तिमाही में 586 करोड़ रुपए का फायदा हुआ है।

तीन गुना ज्यादा फायदे का प्रोजेक्शन

बैंक के प्रबंध निदेशक (एमडी) एस.एस. मल्लिकार्जुन ने कहा कि हमारा प्रोजेक्शन 2022 के वित्त वर्ष के लिए तीन गुना ज्यादा फायदा का है। यह सब कुछ उधारी देने और अर्थव्यवस्था में मांग पर निर्भर होगा। हालांकि इसका सही अनुमान वित्त वर्ष 2022 की पहली तिमाही के बाद ही पता चलेगा। लोन ग्रोथ के मामले में पर मल्लिकार्जुन ने कहा कि यह बैंकिंग इंडस्ट्री के लिए 8-10% के बीच रह सकती है। यह तब होगा जब देश की अर्थव्यवस्था 9.5% की दर से बढ़ेगी।

8 प्रतिशत की दर से ग्रोथ कर सकते हैं

उन्होंने कहा कि रुढ़िवादी लेवल पर हम 8% की दर से ग्रोथ कर सकते हैं, अगर देश की अर्थव्यवस्था 9.5% की दर से बढ़ती है। कोरोना का मामला हालांकि इस पर असर डाल सकता है। उन्होंने कहा कि कैनरा एचएसबीसी ओबीसी लाइफ बीमा कंपनी में अगले 12-18 महीनों में हिस्सेदारी बेची जा सकती है। इसने ओरिएंटर बैंक आफ कॉमर्स का विलय होने के बाद इस बीमा कंपनी में 23% हिस्सेदारी ली थी।

बीमा कंपनी में बेचेगा हिस्सेदारी

मल्लिकार्जुन ने कहा कि दो बीमा कंपनियों में पंजाब नेशनल बैंक की हिस्सेदारी है। बीमा रेगुलेटर ने मार्च 2021 तक इन दोनों में हिस्सेदारी की मंजूरी दी थी। हालांकि बैंक दूसरी बीमा कंपनी में 10% से ज्यादा हिस्सेदारी नहीं रख सकता है। यही कारण है कि बैंक कैनरा एचएसबीसी ओबीसी लाइफ इंश्योरेंस में हिस्सेदारी बेचने का रास्ता तलाश रहा है।

हिस्सा बेचने की प्रक्रिया जारी

मल्लिकार्जुन ने कहा कि हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया जारी है और चूंकि यह बीमा कंपनियां लिस्टेड नहीं हैं, इसलिए इनका वैल्यूएशन फाइनल हो चुका है। बता दें कि पीएनबी पहले से ही पीएनबी मेटलाइफ इंश्योरेंस का प्रमोटर है जिसमें उसकी 30 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसे 2001 में सेट अप किया गया था। इसमें बाकी हिस्सेदारी अन्य शेयर धारकों के पास है। इसी तरह बैंक असेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी में भी अपनी हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहा है। उसे उम्मीद है कि इससे 50-60 करोड़ रुपए उसे मिल सकता है।

आठ हजार करोड़ का बुरा कर्ज ट्रांसफर करेगा

बैंक ने कहा कि वह 8 हजार करोड़ रुपए के बुरे फंसे कर्ज यानी एनपीए को बैड बैंक में ट्रांसफर करेगा। हालांकि जिस बैड बैंक की स्थापना हुई है, वह बैड बैंक एनएआरसीएल अभी अगले महीने से चालू होने वाला है। पहले चरण में पीएनबी हजार करोड़ उसे ट्रांसफर करेगा। इसे 30 जून तक पूरा कर लिया जाएगा।