आरबीआई का नया नियम: अगर फेल होता है यूपीआई ट्रांजैक्शन तो बैंक को रोजाना देना होगा 100 रुपए का हर्जाना

 06 Apr 2021 01:34 PM

नई दिल्ली। कोरोना काल ने लोगों को डिजिटल बना दिया है। महामारी के दौरान देश में आॅनलाइन पेमेंट में तेजी आई है। आजकल हर कोई अपने मोबाइल से डिजिटली पेमेंट करने लगा है। ऐसे में कई बार यूपीआई के जरिए लेनदेन करने पर पेमेंट फेल भी हो जाते हैं। अक्सर लोगों को साथ ऐसा होता है, हो सकता है आप भी कभी इसके शिकार हुए हों। लेकिन अब आरबीआई ने एक नियम बनाया है। यह नियम आपको जानना जरूरी है। 

अगर आपका यूपीआई ट्रांजैक्शन फेल हो जाता है और खाते से कटे पैसे तय समय पर वापस नहीं आए हैं, तो बैंक रोजाना आपको 100 रुपये का हर्जाना देगा। जी हां, सितंबर 2019 में केंद्रीय बैंक ने फेल्ड ट्रांजैक्शन को लेकर नया सर्कुलर जारी किया था, जिसके अनुसार पैसे के आॅटो रिवर्सल को लेकर टाइम फ्रेम सेट किया गया है। यदि इस समयसीमा के अंदर ट्रांजैक्शन का सेटलमेंट या रिवर्सल नहीं होता है तो बैंक को ग्राहकों को मुआवजा देना पड़ता है। समयसीमा खत्म होने के बाद ग्राहकों को प्रतिदिन 100 रुपये का मुआवजा मिलता है।

आरबीआई के सर्कुलर के अनुसार, अगर यूपीआई के जरिए किया गया लेनदेन फेल होता है और ग्राहक के खाते से पैसे कट जाते हैं, लेकिन लाभार्थी के खाते में पैसा क्रेडिट नहीं होते हैं, तो ऑटो-रिवर्सल लेनदेन की तारीख से टी+1 दिन में पूरा हो जाना चाहिए। इधर टी का अर्थ लेनदेन की तारीख है। 

यानी अगर किसी ग्राहक का लेनदेन आज फेल हुआ है, तो उसके अगले कारोबारी दिन तक खाते में पैसे वापस आ जाने चाहिए और यदि ऐसा नहीं होता, तो अधिक देरी के लिए बैंकों को रोजाना 100 रुपये मुआवजे के तौर पर देने होते हैं।

यहां करें शिकायत
अगर आपका भी यूपीआई के जरिए लेनदेन फेल हुआ है और पैसा वापस नहीं आया है, तो आप सर्विस प्रोवाइडर से इसकी शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए आपको रेज डिस्प्यूट पर जाना होगा। प्रोवाइडर आपकी शिकायत को सही पाने पर पैसा लौटा देगा। वहीं, अगर अगर शिकायत करने बाद भी बैंक से कोई जवाब नहीं मिलता है तो आप आरबीआई के डिजिटल ट्रांजैक्शन, 2019 के ओम्बड्समैन स्कीम के तहत भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।