रिजर्व बैंक पूरे वित्त वर्ष के दौरान ब्याज दरों में नहीं करेगा बदलाव

 11 Apr 2021 01:10 AM

नई दिल्ली। फिच सल्यूशंस का मानना है कि रिजर्व बैंक के एक लाख करोड़ रुपए की सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद करने के फैसले से लगता है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान केन्द्रीय बैंक मुख्य नीतिगत दर में कोई बदलाव नहीं करेगा। मार्च 2022 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष में ब्याज दरों में बदलाव की संभावना नहीं लगती है। हालांकि, फिच का कहना है कि हमें शुरुआत में यह लगा था कि फरवरी में केन्द्रीय बजट की घोषणा के बाद से सरकारी बॉंड प्राप्ति में वृद्धि की गति को थामने के लिये नीतिगत दर में एक और कटौती की जा सकती है। फिच ने एक नोट में कहा है, बहरहाल जीसै प की घोषणा के बाद रिजर्व बैंक की तरफ से बांड खरीद के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश दिए जाने से भी यही प्रभाव होगा। हो सकता है कि यह प्रभाव दर में कटौती जितना नहीं हो, पर इससे भी बांड प्राप्ति में हो रही बढ़त में कुछ अंकुश लगेगा।

रेपो दर 4%पर स्थिर

रिजर्व बैंक ने सात अप्रैल को घोषित नए वित्त वर्ष की पहली मौद्रिक नीति समीक्षा में बैंकों की रेपो दर को चार प्रतिशत पर स्थिर रखा है। इसके साथ ही बैंक ने द्वितीयक बाजार से सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद के लिए जी- सैप 1.0 कार्यक्रम की घोषणा की है। केन्द्रीय बैंक ने कहा है कि वह अप्रैल- जून के दौरान एक लाख करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों की खरीदारी करेगा।