समय आने पर केंद्र सरकार पेट्रोल व डीजल के उत्पाद शुल्क में कटौती का निर्णय करेगी

 14 Apr 2021 01:52 AM

नई दिल्ली। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के चेयरमैन एम अजीत कुमार ने मंगलवार को कहा कि सरकार उपयुक्त समय आने पर करों में कटौती के जरिये पेट्रोल और डीजल के दाम में कमी लाने पर विचार करेगी। ज्ञात हो कि पेट्रोल और डीजल पर रिकॉर्ड उत्पाद शुल्क से अपत्यक्ष कर संग्रह 31 मार्च को समाप्त वित्त 2020-21 में सालाना आधार पर 59 प्रतिशत अधिक रहा। कर आंकड़ों के बारे में जानकारी देने को लेकर ‘वीडियो कॉल’ में उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि आने वाले महीनों में राजस्व अच्छा रहेगा। कुमार ने कहा, जहां तक ईंधन के दाम में कटौती का सवाल है, इस मामले पर सरकार की लगातार नजर है और मुझे पूरा भरोसा है कि जब भी समय आएगा, इस बारे में निर्णय किया जाएगा।'' उनसे यह पूछा गया था कि क्या सरकार ग्राहकों को राहत देने के लिये पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती पर विचार कर रही है। हालांकि उन्होंने उपयुक्त समय के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी। सरकार ने पिछले साल पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 13 रुपए प्रति लीटर जबकि डीजल पर 16 रु. प्रति लीटर की वृद्धि की थी। पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क अब 32.90 रुपए प्रति लीटर है। डीजल पर उत्पाद शुल्क 31.80 रु. प्रति लीटर है व इसके प्रति लीटर 80.87 रुपए के खुदरा बिक्री मूल्य में उत्पाद शुल्क का हिस्सा 39 प्रतिशत है।

कटौती से राजस्व संग्रह पर असर

सीबीआईसी सदस्य (बजट) विवेक जौहरी ने कहा कि उत्पाद शुल्क संग्रह में 59.2 प्रतिशत की वृद्धि का एक कारण पेट्रोलियम कर की दर में वृद्धि है। उन्होंने कहा, अगर कटौती होती है तो उत्पाद शुल्क से राजस्व संग्रह पर असर पड़ेगा। पिछले महीने पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने संसद में कहा था कि पेट्रोल और डीजल पर कर संग्रह 2013 में 52,537 करोड़ रुपए था, जो 2019-20 में बढ़कर 2.13 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।