मार्च में 3.22% के उछाल के साथ 7.39% पर होलसेल प्राइस इंडेक्स

 16 Apr 2021 02:15 AM

नई दिल्ली। रिटेल महंगाई दर के बाद अब थोक महंगाई दर ने भी आम आदमी को झटका दिया है। थोक महंगाई दर को मापने वाला होलसेल प्राइस इंडेक्स (डब्ल्यूपीआई) मार्च में 3.22% बढ़कर 7.39% पर पहुंच गया है। फरवरी में यह 4.17% पर था। मार्च में क्रूड पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में लगी आग के कारण थोक महंगाई दर 8 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। महंगे क्रूड उत्पादों के कारण देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने रिकॉर्ड बनाया है।

मार्च में सभी कमोडिटीज में महंगाई बढ़ी

सरकार की ओर से जारी डाटा के मुताबिक, मार्च में होलसेल प्राइस इंडेक्स की सभी कमोडिटीज में महंगाई दर में बढ़ोतरी हुई है। डाटा के मुताबिक, मार्च में प्राइमरी आर्टिकल्स में महंगाई दर 6.40%रही है। जबकि फरवरी में प्राइमरी आर्टिकल्स में महंगाई की दर 1.82%रही थी। μयूल एंड पावर सेगमेंट में सबसे ज्यादा 9.67%की बढ़ोतरी हुई है।

क्रूड पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस की कीमतों में उछाल

डाटा के मुताबिक, प्राइमरी आर्टिकल्स में शुमार क्रूड पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस की कीमतों में मार्च में 8.64%और फूड आर्टिकल्स की कीमतों में 1.90%का उछाल रहा है। जबकि मिनरल्स की कीमतों में 0.35% की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, फूड आर्टिकल्स की कीमतों में फरवरी के मुकाबले 0.45%की गिरावट आई है। μयूल एंड पावर सेगमेंट में शुमार मिनरल आॅयल्स की कीमतों में 9.76% का उछाल रहा है। जबकि कोयले की कीमतों में 0.08%की गिरावट आई है। हालांकि, मार्च महीने में बिजली की कीमतों में कोई बदलाव नहीं आया है।

आलू की कीमतों में आई ज्यादा गिरावट

मार्च में आलू की थोक कीमतों में सबसे ज्यादा 33.40%की गिरावट रही है। इसके अलावा गेहूं की थोक कीमतों में 7.80%, सब्जियों की थोक कीमतों में 5.19%और खाद्यान्नों की थोक कीमतों में 4.08% की गिरावट रही है।

पेट्रोल के दाम 16 पैसे लीटर तक घटे

पेट्रोल की कीमतों में गुरुवार को 16 पैसे प्रति लीटर की कटौती हुई। वहीं डीजल 14 पैसे प्रति लीटर सस्ता हुआ। तीन सप्ताह में र्इंधन कीमतों में तीसरी बार कटौती हुई है। इससे पहले छह माह तकदामों में जबर्दस्त बढ़ोतरी हुई।

छह महीने में पहली बार 24 मार्च को घटे दाम

छह महीने में पहली बार ईंधन के दाम 24 मार्च को घटे थे। उस समय कोविड-19 की दूसरी लहर की वजह से उपभोग प्रभावित होने की आशंका से अंतरराष्टय स्तर पर कच्चे तेल के दाम घटे थे। कुल मिलाकर तीन बार दाम घटे हैं। इससे पहले 30 मार्च को भी ईधन कीमतों में कटौती हुई थी।