CBSE and CISCE 12th exam: केंद्र को 12वीं की मूल्यांकन नीति तय करने के लिए मिला दो हफ्ते का समय, SC ने दिया निर्देश

 03 Jun 2021 01:34 PM

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को CBSE (सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन) और CISCE (काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन) 12वीं कक्षा की मूल्यांकन नीति तय करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। सुनवाई में सीबीएसई ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि वे 12वीं के नतीजे घोषित करने के लिए ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया को अपनाएंगे। इसके साथ ही कोर्ट ने ममता शर्मा की परीक्षा रद्द करने वाली याचिका को दो हफ्ते बाद तक के लिए स्थगित कर दिया है। दरअसल, शीर्ष अदालत ने सुनवाई के दौरान केंद्र के 12वीं की परीक्षा रद्द करने के फैसले पर खुशी जाहिर की। लेकिन पीठ ने कहा कि याचिका का निपटारा तब तक नहीं किया जा सकता जब तक केंद्र एक स्पष्ट मूल्यांकन नीति पेश नहीं करता।

 

 

 

बोर्ड ने दो हफ्ते का समय मांगा

केंद्र सरकार का पक्ष रख रहे अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कोर्ट को बताया कि वह 12वीं के छात्रों का परिणाम घोषित करने के लिए दो सप्ताह के अंदर आकलन करने के क्राइटेरिया को बताएंगे। इस अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने CBSE और CISCE को दो हफ्ते का समय दिया है। वहीं CISCE बोर्ड के वकील जेके दास ने चार सप्ताह के समय की मांग की थी। लेकिन दो न्यायाधीशों की पीठ की अध्यक्षता करते हुए न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर ने कहा, "चार सप्ताह लंबा समय है, क्योंकि स्टूडेंट्स विदेशी विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेना चाहते हैं। इसमें सौदेबाजी न करें, यह स्टूडेंट्स को प्रभावित करेगा और इसे दो सप्ताह में पूरा करें।" कोर्ट मूल्यांकन नीति के हर पहलू की समीक्षा करेगा ताकि अगर किसी को किसी भी तरह की कोई आपत्ति हो, तो उसका हल निकाला जा सके। यह भी परीक्षा रद्द करने जैसे फैसले जितना महत्वपूर्ण है।

 

राज्य बोर्ड परीक्षाओं पर करेंगे विचार

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ममता शर्मा ने बेंच से कहा कि कुछ राज्य बोर्ड अभी भी परीक्षाएं आयोजित करने जा रहे हैं। साथ ही अनुरोध किया कि परीक्षा रद्द करने के लिए सभी के लिए एक निर्देश दिया जाए जो कि राज्य बोर्डों पर भी लागू हो। इससे देश के 1.2 करोड़ स्टूडेंट्स को राहत मिलेगी। इसपर SC ने कहा, "पहले हमें इस मुद्दे को सुलझाने दें, धैर्य रखें, स्टूडेंट समुदाय के सभी मुद्दों और शिकायतों का समाधान किया जाएगा।" न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर और दिनेश माहेश्वरी ने CBSE और CISCE को परिणाम घोषित करने के लिए अपने मानदंड प्रस्तुत करने की अनुमति देते हुए मामले को दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया।

 

कोरोना के चलते रद्द हुई परीक्षा

मंगलवार को पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में छात्रों के हित में सीबीएसई 12वीं की परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया था। पीएम मोदी ने कहा था कि स्टूडेंट्स की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है, इससे समझौता नहीं किया जा सकता। स्टूडेंट्स को कोविड-19 महामारी के इस तनावपूर्ण माहौल में परीक्षा देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। पीएम मोदी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कक्षा 12वीं का रिजल्ट एक उपयुक्त व उचित क्राइटेरिया के आधार पर समयबद्ध तरीके से जारी किया जाए। पिछले साल की तरह, यदि कुछ छात्र परीक्षा देने की इच्छा रखते हैं, तो स्थिति अनुकूल होने पर सीबीएसई द्वारा उन्हें ऐसा विकल्प प्रदान किया जाएगा।