नई शिक्षा नीति: CBSE स्कूलों में नए सत्र से शुरू होंगे कोडिंग और डाटा साइंस के कोर्स, केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने ट्वीट कर दी जानकारी

 04 Jun 2021 10:55 AM

नई दिल्ली। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (CBSE) स्कूलों में नए सत्र से कोडिंग और डाटा साइंस के कोर्स शुरू होंगे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने शुक्रवार को ट्वीट कर यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत हमने यह वादा किया था कि स्कूलों के सिलेबस में कोडिंग और डाटा साइंस को भी शामिल किया जाएगा। इस पाठ्यक्रम को बनाने के लिए, सीबीएसई ने माइक्रोसॉफ्ट के साथ भागीदारी की है। इन विषयों को एकेडमिक ईयर 2021-2022 से स्किलिंग सब्जेक्ट्स के रूप में पेश किया जाएगा।

 

केंद्रीय शिक्षा मंत्री का ट्वीट

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने पोस्ट शेयर कर कहा कि, “NEP 2020 के तहत, हमने स्कूलों में कोडिंग और डेटा साइंस शुरू करने का वादा किया था। मुझे खुशी है कि सीबीएसई सत्र 2021 से इस वादे को पूरा करने जा रहा है। माइक्रोसॉफ्ट के सहयोग से सीबीएसई भारत की भावी पीढ़ियों को नए जमाने के कौशल सिखाकर सशक्त बना रहा है।“

 

 

 

कोडिंग और डाटा साइंस के कोर्स

सीबीएसई ने कहा है कि कोडिंग को कक्षा 6 से 8 तक में 12 घंटे के स्किल मोड्यूल के तौर पर शामिल किया जाएगा। इससे बच्चों में तार्किक तौर पर सोचने की क्षमता बढ़ेगी। वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में जान सकेंगे। उनका कहना है कि हम ऐसी दुनिया में रह रहे हैं, जो टेक्नोलॉजी पर ज्यादा निर्भर है। यह जरूरी है कि हम ऐसे कौशल प्रदान करें जो पूरे देश के स्टूडेंट्स और टीचर्स को इस डिजिटल दुनिया में सफल होने के लिए तैयार करें। बोर्ड ने कहा कि डाटा साइंस विषय को कक्षा 8 में 12 घंटे के स्किल मोड्यूल के तौर पर शामिल किया जाएगा जबकि कक्षा 11वीं व 12वीं में इसे स्किल सब्जेक्ट के तौर पर शामिल किया जाएगा। डाटा साइंस विषय से स्टूडेंट्स समझ सकेंगे कि किस तरह डाटा जुटाया और संग्रहित किया जाता है। उसका विश्लेषण करके कैसे निर्णय किया जाता है। स्कूल 11वीं में स्किल विषय के तौर पर इन विषयों को शामिल करने के लिए आवेदन करेंगे, उन्हें कोई फीस का भुगतान नहीं करना है।

 

सप्लीमेंट्री हैंडबुक तैयार

माइक्रोसॉफ्ट ने NCERT पैटर्न और स्ट्रक्चर के मुताबिक कोडिंग और डेटा साइंस में सप्लीमेंट्री हैंडबुक तैयार की है। यह हैंडबुक एक ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म के लिए एक्सपोजर देगी, जो स्टूडेंट्स को मैथ्स, लैंग्वेज और सोशल साइंस सहित सभी विषयों में बेहतर तरीके से सीखने में सक्षम बनाएगा।