कोरोना: एनटीए ने स्थगित की अप्रैल में होने वाली जेईई मेन की परीक्षा, 27 से 30 अप्रैल तक होने थे एग्जाम

 18 Apr 2021 02:32 PM

नई दिल्ली। देश में लगातार बढ़ते कोरोना वायरस के चलते जेईई मेन अप्रैल परीक्षा 2021 को स्थगित कर दिया गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने एक ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने ट्वीट में लिखा कि कोरोना की स्थिति को देखते हुए मैंने जेईई मेन 2021 (अप्रैल) परीक्षा को स्थगित करने का फैसला लिया है। छात्रों की सुरक्षा और उनका करियर हमारी पहली प्राथमिकता है।

जेईई मेन 2021 परीक्षा को 27, 28 और 30 अप्रैल को आयोजित किया जाना था। यह परीक्षा दो पालियों में आयोजित होने वाली थी। निशंक ने ट्वीट में आगे लिखा कि जेईई मेन परीक्षा की नई तारीखों का ऐलान एग्जाम होने से कम से कम 15 दिन पहले किया जाएगा। NTA के मुताबिक फरवरी सेशन में कुल 6,20,978 कैंडिडेट्स परीक्षा में शामिल हुए थे, जबकि मार्च में यह संख्या 5,56,248 थी।

 

 

ट्विटर पर चलाई गई थी मुहिम
सीबीएसई द्वारा कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द और बारहवीं की स्थगित करने के फैसले के बाद से ही छात्रों और अभिभावकों द्वारा ट्विटर पर लगातार जेईई मेंस परीक्षा को स्थगित करने की मुहिम चलाई जा रही थी। हालांकि छात्रों का एक वर्ग इन परीक्षाओं को न टालने का भी दबाव बना रहा है। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए परीक्षाओं को कुछ समय से लिए टालना ही उच्चित विकल्प माना गया।

 

CBSE और ISCE की परीक्षाएं भी स्थगित

इससे पहले केंद्र सरकार ने CBSE की 10वीं की परीक्षा रद्द कर दी थी। इसके पेपर 4 मई से शुरू होने वाले थे। 12वीं की परीक्षा भी टाल दी गई है। सरकार 1 जून को 12वीं की परीक्षा पर फैसला करेगी। अगर एग्जाम कराने का फैसला हुआ भी तो यह 15 जून के बाद ही होगी।

वहीं, CISCE ने भी 12वीं की परीक्षा को फिलहाल के लिए स्थगित कर दिया है। वहीं, 10वीं के स्टूडेंट्स के लिए परीक्षा वैकल्पिक होगी। 10वीं के जो छात्र परीक्षा में शामिल नहीं होना चाहते हैं, उनका रिजल्ट CISCE एक क्राइटेरिया के आधार पर तय करेगा। इस साल 10वीं-12वीं के थ्योरी एग्जाम 4 मई 2021 से शुरू होने थे।

स्टेट बोर्ड ने भी स्थगित की परीक्षा

इसके अलावा तेलंगाना, हरियाणा, ओडिशा, यूपी, छत्तीसगढ़, पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र, एमपी समेत कई राज्य बोर्ड ने भी कोरोना के कारण अपनी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। हरियाणा बोर्ड ने सीबीएसई की तरह 10वीं की परीक्षा रद्द कर इंटरनल असेसमेंट के आधार पर रिजल्ट निकालने का फैसला किया है। पंजाब ने 5वीं, 8वीं और 10वीं की परीक्षा नहीं लेने का फैसला किया है।