शिक्षा मंत्री निशंक का ट्वीट: जेईई मेन में 12वीं में 75 प्रतिशत अंकों की अनिवार्यता हटाई गई

 19 Jan 2021 05:48 PM

नई दिल्ली। जेईई मेन परीक्षा दे रहे छात्रों को शिक्षा मंत्रालय ने बड़ी राहत दी है। मंत्रालय ने शैक्षणिक वर्ष 2021-2022 के लिए जेईई मेन को लेकर 12वीं में 75 फीसदी अंकों की पात्रता संबंधी नियम को हटा दिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। निशंक ने ट्वीट कर कहा, 'आईआईटी जेईई (एडवांस्ड) और पिछले अकादमिक वर्ष को लेकर लिए गए फैसले को ध्यान में रखते हुए अगले अकादमिक सत्र 2021-2022 के लिए जेईई मेन के लिए 12वीं में 75 फीसदी मार्क्स संबंधी पात्रता नियम को हटाने का फैसला लिया गया है।'

 

 

शिक्षा मंत्रालय की इस घोषणा के बाद एनआईटी, आईआईआईटी, सीएफटीआई संस्थानों में दाखिले के लिए 12वीं में 75 फीसदी मार्क्स होना अनिवार्य नहीं रह गया है। जेईई मेन में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों को जेईई एडवांस्ड परीक्षा में बैठने का मौका मिलेगा। जेईई एडवांस्ड परीक्षा के जरिए देश के 23 आईआईटी संस्थानों में एंट्री मिलती है। जेईई एडवांस परीक्षा के लिये भी 12वीं कक्षा में 75 फीसदी अंक के निर्धारित पात्रता मानदंड में इस बार भी छूट दी गयी है। पिछले वर्ष भी कोरोना के चलते इस नियम से विद्यार्थियों को छूट दी गई थी। 2020 से पहले तक जेईई एडवांस्ड मेरिट नियम के तहत आईआईटी में दाखिले के लिए 12वीं में न्यूनतम 75 फीसदी अंक या क्वॉलिफाई करने वाली परीक्षा की रैंकिंग में टॉप 20 पर्सेंटाइल होना जरूरी होता था। 

13 भाषाओं में होती है परीक्षा
जेईई मेन परीक्षा अब कुल 13 भाषाओं में होगी- अंग्रेजी, हिंदी, गुजराती, बांग्ला, असमी, कन्नड़, मराठी, मलयालम, उड़िया, तमिल, उर्दू, तेलुगू, पंजाबी। अभी तक जेईई परीक्षा अंग्रेजी, हिंदी, गुजराती में होती रही है।