नैक से ए प्लस पाने की थी तैयारी, अब ए और बी ग्रेड बचाना भी मुश्किल

 10 Jan 2021 10:32 PM

भोपाल। नेशनल असेसमेंट एंड एक्रीडिएशन काउंसिल (नैक) से अच्छी ग्रेड पाने की तैयारियों में प्रदेश के विश्वविद्यालय जुटे हैं, लेकिन बीयू सहित अन्य विश्वविद्यालयों के सामने फैकल्टी की कमी नैक की राह में सबसे बड़ी रोड़ा बनी है। नैक के दौरे से पहले बीयू में कॉन्ट्रैक्ट फैकल्टी रखी जानी थी, लेकिन कोरोना के कारण यह व्यवस्था भी नहीं हो सकी है। वर्तमान में 50 फीसदी नियमित शिक्षक हैं। इनमें से 3 प्रोफेसर 2021 में रिटायर हो जाएंगे। मौजूदा फैकल्टी के भरोसे ए प्लस मिलना तो दूर,बी ग्रेड भी बचाना मुश्किल है।

बीयू, जीवाजी, विक्रम और देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी की नैक एक्रीडिएशन की समय सीमा समाप्त हो चुकी है। इनमें से कुछ ने नैक के लिए आवेदन कर दिया है। वहीं, कुछ विवि मापदंड पूरा नहीं करने के कारण आवेदन भी नहीं कर पा रहे हैं। बीयू की स्थिति और भी खराब है। नैक की टीम ने मार्च 2015 में बीयू का दौरा किया था। तब जो कमियां मिली थीं, नैक ने उनकी रिपोर्ट बनाकर बीयू को भेज दी थी। रिपोर्ट मिलने के बावजूद बीयू प्रशासन ने कमियों को दूर करने कदम नहीं उठाए। मार्च 2020 में यह अवधि समाप्त हो गई है। बीयू ने नैक के लिए आवेदन तो कर दिया है, लेकिन वर्तमान में 85 पदों पर मात्र 40 नियमित शिक्षक हैं। इनमें तीन साल के अंत तक रिटायर हो जाएंगे।  

पहले हुई आवेदन अवधि
विश्वविद्यालयों को पांच साल के लिए नैक सर्टिफिकेट मिलता है। नैक ने जुलाई 2016 में निरीक्षण को लेकर नियमों में संशोधन किया था।  एक्रीडिऐशन खत्म होने से छह महीने पहले आवेदन करना अनिवार्य किया गया था। मगर दिसंबर 2018 में नैक ने नया आदेश जारी किया, इसमें शैक्षणिक संस्था एक्रीडिएशन की समयावधि खत्म होने से सप्ताहभर पहले भी आवेदन कर सकती है। नए आदेश ने विवि को काफी राहत दी है। फिर भी बीयू अभी आवेदन की स्थिति में नहीं है।

मापदंड पूरा कर लेंगे
बीयू में नैक की साइकिल समाप्त हो चुकी है। हम आवेदन करने के साथ नैक की अगली साइकिल की तैयारी कर रहे हैं। टीम के निरीक्षण तक सभी मापदंडों को पूरा कर लिया जाएगा। - अजीत कुमार, रजिस्ट्रार, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय।