कंगना ने कांग्रेस विधायक को कहा- ये मूर्ख हैं... नहीं जानते राजपूत हूं, कमर नहीं हिलाती, हड्डियां तोड़ती हूं; दिग्विजय बोले- ये कंगना कौन?

 20 Feb 2021 03:45 PM

भोपाल। बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनोट ने बैतूल की मुलताई विधानसभा से कांग्रेस विधायक सुखदेव पांसे पर पलटवार किया है। पांसे ने उन्हें नाचने-गाने वाली कहा था। इसके जवाब में कंगना ने ट्वीट किया- ये जो कोई भी मूर्ख है, नहीं जानता है कि मैं दीपिका, कैटरीना या आलिया भट्ट नहीं हूं। मैं अकेली हूं, जिसने आइटम नंबर करने से मना कर दिया था। मैंने बड़े हीरो (खान/कुमार) के साथ फिल्म करने से मना कर दिया था। इसकी वजह से पूरा बालिवूडिया गैंग मर्द-औरतें मेरे खिलाफ हो गई हैं। मैं एक राजपूत महिला हूं, जो कमर नहीं हिलाती हूं, हड्डियां तोड़ती हूं। इस बयान पर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह से सवाल किया गया तो उन्होंने एक्ट्रेस को पहचानने से ही इंकार कर दिया। दिग्विजय ने कहा कि ये कंगना कौन है? इसके बाद वे आगे बढ़ गए।

 

दरअसल, कंगना ने किसान आंदोलन का विरोध किया था। जब फिल्म धाकड़ की शूटिंग करने कंगना बैतूल के सारनी पहुंचीं तब पांसे के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया था। पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। इस दौरान कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से बात करते हुए पांसे ने कंगना को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। किसान आंदोलन को लेकर कंगना रनोट ने ट्वीट करके दिल्ली में लाल किले पर हिंसा करने वाले उपद्रवियों को आतंकवादी कहा था। जिसके बाद ही कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाकर दो दिनों तक बैतूल जिले में विरोध किया था और कंगना से माफी की मांग की थी। साथ ही धमकी भी दी थी कि अगर कंगना माफी नहीं मांगती हैं तो उनकी शूटिंग रोक दी जाएगी।

सुखदेव पांसे ने ये कहा था...
पुलिस को कंगना की कठपुतली नहीं बनना चाहिए, क्योंकि, सरकारें आती-जाती रहती हैं। यदि कोई कांग्रेस कार्यकर्ता शांतिपूर्ण ढंग से किसानों के लिए समर्थन करता है तो उसके खिलाफ कंगना जैसी नाचने-गाने वाली महिला स्वाभिमान को ठेस ना पहुंचाए। कांग्रेस किसानों के स्वाभिमान के साथ खड़ी है। पुलिस कांग्रेस और किसानों पर लाठीचार्ज कर रही है। ऐसे में हमारा अधिकार है विरोध करने का। पुलिस कठपुतली ना बने। सरकार आती-जाती रहती हैं। एक महिला के चक्कर में पुलिस ने हमारे कार्यकर्ताओं पर बहुत ज्यादा लाठीचार्ज किया है। इसकी निष्पक्ष जांच की जाए। झूठे केस वापस हों। लाठीचार्ज करने वाले पुलिसवालों पर एफआईआर की जाए। जब तक जांच नहीं हो जाती तब तक हमारे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार ना किया जाए।