सोनू सूद vs बीएमसी: कोर्ट में एक्टर को बताया गया 'आदतन अपराधी', यहां जानें पूरा मामला

 13 Jan 2021 01:28 PM

मुंबई: लॉकडाउन में हजारों लोगों के लिए मसीहा बन कर सामने आए बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद को हाई कोर्ट में 'आदतन अपराधी' बताया गया है। मुंबई हाई कोर्ट में दाखिल किए गए एक एफिडेविट में यह बात कही गई है। इसमें कहा गया है कि सोनू सूद ने जुहू स्थित रिहायशी इमारत में लगातार अनधिकृत निर्माण कराया है। उन पर दो बार वहां अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई भी की जा चुकी है। 
बीएमसी ने मंगलवार को हाई कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा कि सोनू सूद ने रिहायशी बिल्डिंग को होटल में तब्दील करने का प्रयास किया है। और अब एक्टर इस गलती को छिपाने का प्रयास कर रहे हैं। सोनू सूद को बीएमसी की तरफ से नोटिस जारी किया गया था। 

क्या है पूरा मामला? 
बीएमसी ने सोनू सूद को नोटिस जारी किया था। जिसमें लगाए गए आरोप को एक्टर ने पूरी तरह नकार दिया था। सिर्फ इतना ही नहीं नोटिस के खिलाफ एक्टर हाई कोर्ट गए। जहां अब बीएमसी ने उनके नोटिस को लेकर हलफनामा दाखिल किया है। कोर्ट ने इस मामले में बुधवार को भी सुनवाई करने का फैसला लिया है।
बीएमसी ने अपने नोटिस में कहा था कि सोनू सूद ने 6 मंजिला रिहायशी इमारत  'शक्ति सागर' के ढांचे में बदलाव किया है और उसे एक कॉमर्शियल होटल में तब्दील करने का काम किया है। बीएमसी के नोटिस के खिलाफ सोनू सूद ने बीते साल अक्टूबर में हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। बीएमसी ने हाई कोर्ट में कहा, 'अपील करने वाले शख्स आदतन अपराधी हैं और अनधिकृत निर्माण का वित्तीय लाभ लेना चाहते हैं। अब उन्होंने एक बार फिर से निर्माण करना शुरू कर दिया है, जबकि इसके लिए उन्होंने लाइसेंस डिपार्टमेंट से कोई परमिशन नहीं ली है।'
हालांकि बीएमसी का कहना है की सोनू सूद उस अवैध कॉमर्शियल होटल के निर्माण का बचाव करने की कोशिश कर रहे हैं। एफिडेविट में कहा गया है, 'अपील करने वाले शख्स को प्रॉपर्टी का यूज चेंज करने की अनुमति नहीं मिली थी। उन्होंने रेजिडेंशियल बिल्डिंग को कॉमर्शियल यूज में लेने के लिए लाइसेंस नहीं लिया था।'