ग्वालियर में सिंधिया की सुरक्षा में बड़ी चूक, एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने काफिला रोककर बेशर्म के फूलों की माला पहनाई

 12 Jun 2021 03:40 PM

ग्वालियर। भाजपा के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की सुरक्षा में शनिवार को ग्वालियर में बड़ी चूक हो गई। यहां एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने उनका काफिला रोक लिया और उन्हें बेशर्म के फूलों की माला पहना दी। मौके पर पुलिस मूकदर्शक बनी सबकुछ देखती रह गई। हालांकि पहले से कुछ गड़बड़ होने की आशंका थी। सिंधिया का क़ाफिला एयरपोर्ट पहुंचने ही वाला था तभी गोला चौराहा पर लगभग 20-22 लोगों ने रोक लिया। इन लोगों ने सिंधिया को ज्ञापन दिया और फिर माला पहना दी।


ज्योतिरादित्य को जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। भाजपा नेताओं ने इस तरह की घटना पर चिंता जताई है। इस तरह की सुरक्षा प्राप्त नेताओं की सिक्योरिटी के लिए तंत्र सक्रिय रहता है लेकिन इस मामले में पुलिस देखती ही रह गई। ख़ास बात यह भी है कि सिंधिया के साथ इस तरह का व्यवहार उनके ही गृह नगर में किया गया। 

दरअसल, ज्योतिरादित्य सिंधिया अब अपनी छवि बदलने में लगे हुए हैं। वह छोटे-बड़े हर तरह के नेता से मिल रहे हैं। यहां तक कि उनके कट्टर दुश्मन कहे जाने वाले जयभान सिंह पवैया के घर भी पहुंचे। पूर्व मंत्री जयभान सिंह के साथ सिंधिया परिवार की 23 साल पुरानी अदावत थी। फिर भी वह पवैया के घर पहुंचे।

इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ कि पवैया और ज्योतिरादित्य एक दूसरे के घर गए हों। 20 अप्रैल को पवैया के पिता का निधन हो गया था। सिंधिया दुख जताने के लिए उनके घर पहुंचे। बंद कमरे में दोनों नेता क़रीब 20 से 25 मिनट तक मिले।

मुलाकात के बाद सिंधिया ने यह भी कहा कि अतीत-अतीत होता है, और वर्तमान ही वर्तमान है। पवैया का विरोध माधवराव और ज्यतिरादित्य सिंधिया से भले ही रहा हो लेकिन वह राजमाता विजयराजे सिंधिया के क़रीबी ही रहे हैं। वह जनसंघ और भाजपा में भी राजमाता के क़रीबी रहे। वह बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे। ज्योतिरादित्य जब कांग्रेस में थे तो दोनों के बीच अदावत थी लेकिन अब वह भी भाजपा में आ गए हैं।