भिंड में फर्जी जज पकड़ा, घरवालों की खुशी के लिए करता रहा गुमराह

 18 May 2021 08:02 PM

भिंड। भिंड में एक युवक फर्जी सिविल जज बनकर रह रहा था। युवक के पास से एक कार मिली, जिस पर न्यायाधीश लिखा था। इसी कार से युवक घूमकर अपना रौबा झाड़ता था। भिंड पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर िलया। यह युवक उत्तर प्रदेश के छिपरा मऊ का रहने वाला है। 

बीते दिनों भिंड के डीएसपी मोतीलाल कुशवाहा को सूचना मिली थी कि दीपक भदौरिया स्वयं को सिविल जज बताता है। इन दिनों यह युवक भिंड में किराए के मकान में रह रहा है। पुलिस को दीपक के न्यायाधीश बनकर रहने की पुष्टि हुई तो पहले तीन साल पुराने सिविल न्यायाधीश के लिए सिलेक्शन हुई सूची की जांच की। इसमें दीपक का कोई नाम नहीं था। इस नाम का कोई भी जज भिंड जिले में पदस्थ नहीं था। पुलिस ने जब दीपक को पकड़ा और पूछताछ की तो पहले युवक ने अंग्रेजी में पुलिस से जमकर बहस की फिर हकीकत बयां करते देर नहीं लगी। बाद में दीपक ने फर्जी जज बनने की वजह बताई।

दीपक ने बताया कि मैंने वकालत की डिग्री जबलपुर से की। कानपुर में रहकर सिविल जज की पढ़ाई की। मेरी मां बीमार रहती है। पिता ने मेरी पढ़ाई पर खूब खर्च किया। इसके बाद भी मेरा सिलेक्शन नहीं हो सका। जब मैंने देखा कि मेरे नाम का एक युवक सिविल जज बना तो मैंने परिवार काे खुश रखने के लिए स्वयं का सिलेक्शन होना बता दिया था। मेरी शादी दस साल पहले हुई थी, मेरे दो बच्चे भी हैं जो कि माता- पिता के साथ रहते हैं। मैं अकेला भिंड में रहता हूं।

झूठी शान के लिए कार पर न्यायाधीश लिखा रखा था। दीपक के पास से पुलिस को सिविल जज के विजिटिंग कार्ड भी मिले। मोबाइल में एक एप्लीकेशन भी मिला जिससे उसने सीनियर्स को अवकाश के लिए लिखा था। युवक का कहना है कि वो भिंड में एक साल से रह रहा है।