सूजन रोधी दवाओं से कोविड टीके के लिए प्रतिरक्षा क्षमता कमजोर हो सकती: रिसर्च

 04 Jun 2021 02:16 AM

नई दिल्ली। एक अध्ययन के अनुसार, कुछ लोग जो रुमेटाइड गठिया जैसे विभिन्न सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली वाली बीमारी के इलाज के लिए मेथोट्रेक्सेट लेते हैं, उनमें कोविड-19 टीके के लिए प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया कमजोर हो सकती है। ‘एनल्स ऑफ द रूमेटिक डिजीज’ नामक पत्रिका में प्रकाशित रिसर्च में यह जानकरी दी गई है। रिसर्च के अनुसार फाइजर-बायोएनटेक एमआरएनए कोरोना टीके के प्रति मरीजों की प्रतिक्रियाओं पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया और रिसर्चर्स ने प्रत्येक रोगी में टीके से बने एंटीबॉडी की माप की। शरीर में टीका लगने के बाद एंटीबॉडी बनने लगती हैं । हालांकि, अमेरिका में एनवाईयू ग्रॉसमैन स्कूल ऑफ मेडिसिन और एनवाईयू लैंगोन हेल्थ के अध्ययनकर्ताओं ने आगाह किया कि मेथोट्रेक्सेट लेने वाले रोगियों में कम एंटीबॉडी बनने का मतलब यह नहीं है कि ऐसे मरीज कोविड से सुरक्षित नहीं हैं।

रेबेका हैबरमैन ने कहा‘ चिंता  की जरूरत नहीं’

अध्ययन की सह-लेखक रेबेका हैबरमैन ने कहा- यह बताना सबसे अहम है कि रोगियों को हमारे अध्ययन के निष्कर्षों को लेकर चिंतित नहीं होना चाहिए, क्योंकि प्रतिरक्षा प्रणाली विकार वाले अधिकतर रोगी एमआरएनए टीकों पर अच्छी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह भी संभव है कि मेथोट्रेक्सेट कोविड-19 के खिलाफ पर्याप्त प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को रोकने के बदले देरी कर रहा है।