आयुर्वेद: डाइजेशन की समस्या है तो नीम का करें इस्तेमाल, होगा लाभ

 03 Jan 2021 06:43 PM

नीम सेहत के गुणों का खजाना है। नीम सेहत, स्किन, बालों के लिए बहुत फायदेमंद है। नीम का हर भाग इस्तेमाल किया जाता है। नीम की छाल, नीम की पत्ती आदि नीम कई बीमारियों को दूर करने में दवा का काम करती है। भारतीय वेदों में नीम का नाम सर्व रोग निवारणी रखा गया है, जिसका अर्थ होता है 'सभी बीमारियों को रोकने वाला'।
 नीम दो प्रकार का होता है, मीठा नीम और कड़वा नीम। दोनों में ही औषधीय गुण पाए जाते हैं। नीम के अर्क में डायबिटीज, बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने के गुण पाए जाते हैं। पढ़िए नीम के लाभ के बारें में...

अगर आप किसी कारण बस अपना हाथ जला बैठी हैं। तो तुरंत उस जगह पर नीम की पत्तियों को पीसकर लगा लें। इसमें मौजूद एंटी-सेप्टिक गुण घाव को ज्यादा बढ़ने नहीं देता है और जलन को कम करने में मदद कर सकता है।

नीम को कान दर्द में असरदार माना जाता है। अगर आपके कान में दर्द रहता है तो नीम का तेल इस्तेमाल करना काफी फायदेमंद हो सकता है। कई लोगों में कान बहने की भी बीमारी होती है, ऐसे लोगों के लिए भी नीम का तेल लाभकारी हो सकता है।

नीम का तेल स्कैल्प इंफेक्शन को को कम करने और बालों को झड़ने से रोकने में मददगार हो सकता है। नीम के तेल का नियमित तौर पर प्रयोग करने से बाल लंबे और चमकदार बन सकते हैं। 

डाइजेशन की समस्या को दूर करने के लिए नीम काफी लाभकारी माना जाता है। भूख न लगती हो या खाने की इच्छा न होती हो तो नीम की कोमल पत्तियों को घी में भून कर खाने से भूख बढ़ जाती है। और गैस, कब्ज और डाइजेशन की समस्या को दूर किया जा सकता है।

नीम को दांतों के लिए बहुत लाभदायक माना जाता है। मुंह से बदबू आने पर नीम की दातून करने से बदबू को दूर और दांतों को मजबूत बनाया जा सकता है। इसके अलावा नीम के रस में सेंधा नमक मिला कर मंजन करने या इसकी कोंपलों को पानी में उबाल कर कुल्ला करने से दांतों की बीमारियां से छुटकारा पाया जा सकता है।