केंद्र सरकार बोली – तीसरी लहर में बच्चे ज्यादा प्रभावित होंगे, यह तथ्य आधारित नहीं

 24 May 2021 06:00 PM

नई दिल्ली। कोरोना की तीसरी लहर का बच्चों पर सबसे ज्यादा प्रभाव होगा इन चर्चाओं पर केंद्र सरकार ने सोमवार को विराम लगा दिया। सरकार ने कहा है कि ऐसे कोई संकेत नहीं हैं, जिससे पता चले कि संक्रमण की तीसरी लहर में बच्चे ज्यादा प्रभावित होंगे।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि अभी तक कोई संकेत नहीं है कि कोविड-19 की तीसरी लहर में बच्चे गंभीर रूप से प्रभावित होंगे। मंत्रालय अपनी दैनिक प्रेस ब्रीफिंग कर रहा था। अपनी बात को समझाने के लिए एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बताया कि पीडियाट्रिक्स एसोसिएशन का कहना है कि यह तथ्यों के आधार पर नहीं है। हो सकता है कि बच्चों पर इसका प्रभाव नहीं पड़े, इसलिए लोगों को डरने की जरूरत नहीं है।

पहले भी कहा था सरकार ने :

शनिवार को केंद्र सरकार ने कहा था कि बच्चे कोरोना वायरस के संक्रमण से सुरक्षित नहीं हैं, लेकिन उन पर इसका प्रभाव न्यूनतम है। डॉ. वीके पॉल (नीति आयोग के सदस्य) ने भी कहा था कि यदि बच्चे कोरोना से प्रभावित होते हैं तो या तो उनमें कम से कम लक्षण होंगे और उन्हें आम तौर पर अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं होती है।

ब्लैक फंगस फैलने वाला रोग नहीं :

कमजोर इम्युनिटी वालों को ब्लैक फंगस का खतरा अधिक है। फंगल इन्फेक्शन फैलने वाला रोग नहीं है। यह जानकारी सोमवार को एम्स दिल्ली के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने दी। उन्होंने कहा कि यह फंगस मुख्य तौर पर साइनस, नाक, आंखों के आसपास की हड्डियों में पाया जाता है और मस्तिष्क में प्रवेश कर सकता है। कभी-कभी यह लंग्स और गैस्ट्रोइन्टेस्टनल ट्रैक्ट में भी मिलता है। शरीर के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले फंगस का रंग भी अलग होता है।