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दो टीके मिलाने से मिल सकती है कोरोना के नए वेरिएंट्स के खिलाफ कारगर वैक्सीन,  लेकिन निर्णय से पहले और डेटा की जरूरत : डॉ. गुलेरिया

 26 Jun 2021 04:55 PM

नई दिल्ली। कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट के आगे वैक्सीन के बेअसर होने की चर्चा के बीच AIIMS के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि दो वैक्सीन का प्रयोग इसमें कारगर हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी इसपर शोध होना बाकी है।

डॉक्टर गुलेरिया ने बताया कि संभवतः कोविड की दो अलग-अलग वैक्सीन की खुराकें मिलाने से इसका असर बढ़ सकता है। ऐसा करने पर यह अलग - अलग वेरिएंट्स से लड़ने में कारगर हो सकता है। उन्होंने कहा कि दो वैक्सीन की मिक्सिंग से यह निश्चित संभावना है कि यह डेल्टा और डेल्टा प्लस जैसे अधिक संक्रामक वेरिएंट्स को रोकने में कारगर होगी। लेकिन कोई भी फैसला लेने से पहले अभी और डेटा की जरूरत है। कौन से दो टीके मिलाने से अच्छे परिणाम मिलेंगे यह शोध का विषय है। लेकिन इससे टीके का असर बढ़ने की संभावना तय है।

दो अलग-अलग वैक्सीन को मिलाकर वैक्सीन की खुराक बनाने को लेकर सरकार ने भी पिछले महीने कहा था कि इसपर रिसर्च किया जाएगा। पिछले सप्ताह ब्रिटेन में टीके की दो खुराकों को मिलाकर शोध किया गया था। इस रिसर्च को द लेंसेंट जर्नल में छापा गया है। इसमें हिस्सा लेने वाले लोगों को पहले कोविशील्ड की खुराक दी गई और बाद में फाइजर की।  टीका लेने के बाद लोगों में हल्के साइड इफेक्ट्स देखने को मिले थे। इस टीके का क्या असर हुआ था इसका डेटा आना अभी बाकी है।

डेल्टा प्लस पर भी टीका असरदार :

डॉक्टर गुलेरिया ने डेल्टा प्लस वेरिएंट के खिलाफ टीके के बेअसर होने की आशंका को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि नए स्ट्रेन में टीके को बेअसर करने की क्षमता है, यह अभी तक साबित नहीं हुआ है। टीका लगवाने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि अगर आपने दोनों डोज ले लिए हैं तो कोरोना होने पर भी इसकी गंभीरता कम होगी। डेल्टा प्लस वेरिएंट से देश में तीसरी लहर आने और उसकी गंभीरता को लेकर डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर दूसरी जितनी ही खतरनाक हो, इसकी संभावना कम है।