कोरोना वायरस: केंद्र सरकार ने सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड वैक्सीन का ऑर्डर दिया, 1 टीके की कीमत 200 रुपए

 11 Jan 2021 05:17 PM

केंद्र सरकार ने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्रेजेनेका की वैक्सीन कोवीशील्ड के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को ऑर्डर दे दिया है। वैक्सीन के एक डोज की कीमत 200 रुपये होगी। कोवीशील्ड की हर हफ्ते एक करोड़ से ज्यादा डोज की सप्लाई की जा सकती है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

DCGI ने 3 जनवरी को मंजूरी दी थी
सरकार ने देश में वैक्सीनेशन शुरू करने के लिए 16 जनवरी की तारीख तय की है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने 3 जनवरी को कोवीशील्ड को अप्रूवल दिया था। इसकी इफेक्टिवनेस को लेकर अलग-अलग बातें सामने आई थीं। एस्ट्राजेनेका ने वैक्सीन की ओवरऑल इफेक्टिवनेस 90% तक होने का दावा किया था। हालांकि, भारतीय रेगुलेटर का मानना है कि यह वैक्सीन 70% तक इफेक्टिव है।

3 करोड़ लोगों को फ्री में लगाई जाएगी वैक्सीन
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने पहले कहा कि कोरोना वैक्सीन पूरे देश में फ्री होगी। फिर डेढ़ घंटे बाद बोले कि पहले फेज में यह 3 करोड़ लोगों के लिए फ्री मिलेगी। इनमें 1 करोड़ हेल्थकेयर वर्कर्स और 2 करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर्स शामिल होंगे। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, वैक्सीनेशन करने वाली टीम में 5 सदस्य होंगे।

कोवीशील्ड की क्या है खासियत?

कोवीशील्ड के क्लिनिकल ट्रायल्स के एनालिसिस से बहुत अच्छे नतीजे सामने आए हैं। वॉलेंटियर्स को पहले हाफ डोज दिया और फिर फुल डोज। किसी को भी हेल्थ से जुड़ी कोई गंभीर समस्या देखने को नहीं मिली है।

जब हाफ डोज दिया गया तो इफिकेसी 90% मिली। एक महीने बाद उसे फुल डोज दिया गया। जब दोनों फुल डोज दिए गए तो इफिकेसी 62% रही।

दोनों ही तरह के डोज में औसत इफिकेसी 70% रही। सभी नतीजे आंकड़ों के लिहाज से खास हैं। इफिकेसी जानने के लिए वैक्सीन लगाने के एक साल बाद तक वॉलेंटियर्स के ब्लड सैम्पल और इम्युनोजेनिसिटी टेस्ट किए जाएंगे। इंफेक्शन की जांच के लिए हर हफ्ते सैम्पल लिए जा रहे हैं।

कोवीशील्ड अन्य वैक्सीन के मुकाबले सस्ती भी है।

रजिस्ट्रेशन के लिए दस्तावेज 
फोटो, ड्राइविंग लाइसेंस, श्रम मंत्रालय की ओर से जारी किया गया हेल्थ इंश्योरेंस स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, सांसद, विधायकों को जारी आईडी कार्ड, पैन कार्ड, बैंक/पोस्ट ऑफिस की पासबुक, पासपोर्ट, पेंशन दस्तावेज, केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कर्मचारियों के लिए जारी सर्विस आईडी और वोटर आईडी कार्ड।

टीकाकरण को लेकर गाइडलाइंस की अहम बातें

एक बूथ पर हर सत्र में 100 से 200 लोगों को टीका लगा जाएगा। उन पर 30 मिनट तक नजर रखी जाएगी जिससे रिएक्शन को देखा जा सके। वहीं, टीकाकरण केंद्र पर एक बार में एक ही व्यक्ति को टीका लगाया जाएगा। कोविन ऐप में पहले से रजिस्टर लोगों को ही टीका लगाया जाएगा। ऑन द स्पॉट रजिस्ट्रेशन नहीं होगा।

भारत में 16 जनवरी से कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुरू होगा। इसका फैसला शनिवार को देश में कोरोना महामारी की वर्तमान स्थिति और टीकाकरण के मद्देनजर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तैयारियों का जायजा लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक उच्च स्तरीय बैठक में किया था।

नई दिल्ली समेत अधिकतर राज्यों में गुरुवार तक वैक्सीन पहुंच जाएगी। अधिकांश राज्यों में सीरम संस्थान की वैक्सीन कोविशील्ड उपलब्ध होगी। पुणे से 80 फीसदी वैक्सीनों को उड़ानों और विशेष विमानों के माध्यम से भेजा जाएगा। उधर, पंजाब और छत्तीसगढ़ ने कोवैक्सीन की खुराक लगाने से इनकार किया है।

इन दोनों कांग्रेस शासित राज्यों ने कहा है कि वे कोवैक्सीन के उपयोग पर फैसला इसके तीसरे चरण के ट्रायल के परिणाम आने पर ही करेंगे। बता दें कि औषधि नियामक ने फेज-1 और फेज-2 के नतीजों के आधार पर कोवैक्सीन को आपात मंजूरी दी है। इसके फेज-3 ट्रायल्स पूरे देश में स्थानों पर चल रहे हैं।

दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान:मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने इसे विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान बताया और कहा कि इसमें करीब तीन करोड़ स्वास्थ्य कर्मियों और अग्रिम मोर्चे पर कार्यरत कर्मियों को प्राथमिकता दी जाएगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की इस बैठक में प्रधानमंत्री ने कोविड-19 प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की भी विस्तृत समीक्षा की थी।

इस संबंध में मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, ‘आगामी लोहड़ी, मकर संक्रांति, पोंगल और माघ बिहू जैसे त्योहारों के मद्देनजर विस्तृत समीक्षा के बाद फैसला लिया गया है कि देश में कोविड-19 टीकाकरण अभियान 16 जनवरी, 2021 से आरंभ किया जाएगा।’

बयान में कहा गया कि करीब तीन करोड़ स्वास्थ्य कर्मियों और अग्रिम मोर्चे पर कार्यरत कर्मियों के बाद 50 वर्ष से अधिक आयु के करीब 27 करोड़ व्यक्तियों और अन्य बीमारियों से ग्रसित 50 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों का टीकाकरण किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देश के मुताबिक 50 वर्ष की आयु की पहचान के लिए लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों की मतदाता सूची का इस्तेमाल किया जाएगा।

भारत के औषधि नियामक ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड के कोविड-19 टीके ‘कोविशील्ड’ और भारत बायोटेक के स्वदेश में विकसित टीके ‘कोवैक्सीन’ के देश में सीमित आपात इस्तेमाल को पिछले रविवार को मंजूरी दे दी थी।