कोविड-19: DRDO की कोरोना दवा 2-DG की 10,000 डोज तैयार, रक्षा मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री आज करेंगे लॉन्च; पढ़ें इसके बारे में सबकुछ

 17 May 2021 10:15 AM

नई दिल्ली। देश में कोरोना का कहर लगातार जारी है। संक्रमण से जंग के लिए देशभर में वैक्सीनेशन का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की ओर से विकसित कोरोना की दवा 2-डीजी की पहली खेप (10,000 पैकेट) लॉन्च की जाएगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन आज सुबह 10.30 बजे इस दवा को लॉन्च करेंगे। लॉन्चिंग के बाद अगले एक-दो दिनों में यह मरीजों को मिलने लग जाएगी। ये दवा एक पाउडर के रूप में है। इस दवा को सबसे पहले दिल्ली के DRDO कोविड अस्पताल में भर्ती मरीजों को दिया जाएगा।

ऑक्सीजन पर कम होगी मरीजों की निर्भरता
रक्षा मंत्रालय का कहना है कि कोरोना की चल रही दूसरी लहर की वजह से बड़ी संख्या में मरीजों को ऑक्सीजन और अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ रही है। यह दवा कोरोना के सामान्य से गंभीर मरीजों को दी जा सकती है। 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज दवा मरीजों को तेजी से ठीक होने में मदद करेगी और ऑक्सीजन पर निर्भरता को कम करेगी।

पानी में घोलकर पीना होगा इस दवा को
DRDO की  इस दवा का नाम 2-डीऑक्‍स‍ि-डी-ग्लूकोज (2-DG) है। डीआरडीओ की यह दवा ऐसे समय में आई है जब कोरोना की तीसरी लहर की बात हो रही है। वहीं, देशभर में ऑक्सीजन की क‍िल्‍‍‍‍लत बनी हुई है। दूसरी लहर से रिकॉर्ड मौतें हो रही हैं और स्वास्थ्य संसाधनों पर भारी दबाव है। अच्छी बात यह है कि 2-डीजी दवा पाउडर के रूप में पैकेट में आती है और इसे पानी में घोल कर पीना होता है।

कैसे काम करती है यह दवा? 
डीआरडीओ के मुताबिक, जब कोरोना संक्रमित मरीज को यह दवा दी जाती है, तो यह शरीर में प्रवेश करते ही वायरस द्वारा संक्रमित कोशिकाओं के अंदर जाकर जमा हो जाती है और वायरस सिंथेसिस और एनर्जी प्रोडक्शन को रोककर वायरस को बढ़ने से रोकती है। 

DRDO ने डॉ. रेड्डीज लैबोरेट्रीज के साथ मिलकर बनाया
इस दवा को DRDO के इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड अलाइड साइंसेस (INMAS) ने डॉ. रेड्डीज लैबोरेट्रीज के साथ मिलकर बनाया है। क्लीनिकल रिसर्च के दौरान 2-डीजी दवा के 5.85 ग्राम के पाउच तैयार किए गए। इसके एक-एक पाउच सुबह-शाम पानी में घोलकर मरीजों को दिए गए। इसके रिजल्ट अच्छे रहे। जिन मरीजों को दवा दी गई थी, उनमें तेजी से रिकवरी देखी गई। इसी आधार पर ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने इस दवा के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी दी है।

देश के 27 अस्पतालों में हुआ है ट्रायल
DRDO की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक देशभर के जिन 27 अस्पतालों में इस दवा के आखिरी ट्रायल किए गए थे। वहां से बचा हुआ स्टॉक भी इकट्ठा किया गया है। इसे दिल्ली के DRDO के अस्पताल में पहुंचाया जाएगा। इन दवाओं को दिल्ली लाने का काम तेजी से चल रहा है।

डॉक्टर्स की सलाह पर ही दी जाएगी
अभी इस दवा को डॉक्टरों की सलाह पर ही संक्रमिताें को दिया जाएगा।  DCGI ने अभी इसके सिर्फ इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी दी है। जब तक इस दवा को सामान्य इस्तेमाल की मंजूरी नहीं मिलती है, तब तक इसका बाजार में आना संभव नहीं है।