एक्सपर्ट कमेटी के बाद अब डीसीजीआई ने रूसी वैक्सीन स्पुतनिक वी के इमरजेंसी इस्तेमाल को दी मंजूरी, भारत ऐसा करने वाला 60वां देश

 13 Apr 2021 01:40 PM

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। रविवार को करीब 1 लाख 60 हजार लोगा संक्रमित पाए गए। 880 लोगों की मौत भी हुई। इसी बीच सोमवार को एक्सपर्ट कमेटी ने रूसी वैक्सीन स्पुतनिक वी के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी दी थी। इसके बाद अब डीसीजीआई (ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया) ने भी मंगलवार को रूस की वैक्सीन स्पुतनिक वी के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है।

कोरोना वायरस के खिलाफ इस वैक्सीन को इस्तेमाल करने वाला भारत दुनिया का 60वां देश बन गया है। देश में डॉक्टर रेड्डी लैब के साथ मिलकर इस वैक्सीन का स्थानीय क्लिनिकल ट्रायल की तीसरे चरण पूरा किया गया था। अब अंत में केंद्रीय एजेंसी ने इसके आपात इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। 

रूस के गमालेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ने इस टीके के 91.6 प्रतिशत असरदार होने का दावा किया है। देश में इस्तेमाल हो रही कोविशील्ड सिर्फ 80 प्रतिशत व कोवाक्सिन 81 प्रतिशत असरदार है। इसकी एक खुराक की कीमत 700 रुपये है। रूस ने पिछले साल अगस्त में इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी थी। इसे सर्बिया, अर्जेंटीना, वॉलिविया समेत 60 से अधिक देशों में इस्तेमाल की मंजूरी मिल चुकी है।

भारत में रूस के राजदूत निकोलाय कुदासेव ने स्पूतनिक-वी के इस्तेमाल की सिफारिश किए जाने को सही ठहराते हुए कहा था कि यह कदम निश्चित रूप से कोविड-19 महामारी का मुकाबला करने के लिए भारत सरकार के प्रयासों में योगदान देगा।

रशियन डायरेक्ट इंवेस्टमेंट फंड के सीईओ किरिल ने एक बयान में कहा कि हम भारत के स्पुतनिक वी को आपातकाल मंजूरी देने के फैसला का स्वागत करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि रूसी वैक्सीन कोरोना के खिलाफ लड़ने में 91.6 फीसदी असरदार है और ये वैक्सीन गंभीर कोरोना के मामलों में मददगार साबित होगी। 

-18 डिग्री सेल्सियस पर स्टोर करना होगा

स्पुतनिक वी (लिक्विड) को माइनस 18 डिग्री सेल्सियस तापमान पर स्टोर किया जाता है। हालांकि, इसके सूखे प्रारूप को 2-8 डिग्री सेल्सियस पर स्टोर किया जा सकता है। इसके लिए कोल्ड-चेन इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने की आवश्यकता नहीं है। आरडीआईएफ के अनुसार, स्पुतनिक वी को 55 देशों में 150 करोड़ से अधिक लोगों के उपयोग के लिए अनुमोदित किया गया है। वैक्सीन की कीमत 10 डॉलर प्रति शॉट से कम रखने का प्रस्ताव है। हालांकि भारत में इसकी कीमत क्या होगी, यह तय नहीं हो सका है।

पहले दोनों टीकों की तरह इसका इस्तेमाल भी 18 साल अधिक उम्र के लोगों पर किया जा सकेगा। हालांकि भारत में अभी सिर्फ 45 साल से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण हो रहा है। स्पुतनिक वी की दूसरी खुराक 21 दिनों के अंतराल पर देनी है। भारत में फिलहाल 28 दिनों के अंतराल पर दूसरी खुराक दी जा रही है। स्पुतनिक वी की 0.5 मिली की दो खुराक में इंट्रामस्क्युलर रूप से दिया जाना है। टीके को -18 डिग्री सेल्सियस पर स्टोर करना होगा। अभी रेड्डी लैब रूस से टीके का आयात करेगी।

कोरोना देश में
देश में कोरोना महामारी का प्रकोप लगतार बढ़ रहा है। सोमवार को देश में कोरोना के 1 लाख 60 हजार 694 नए मरीज मिले। 96,727 ठीक हुए और 880 की मौत हो गई। यह लगातार दूसरा दिन था जब नए मरीज 1 लाख 60 हजार से ज्यादा मिले। एक दिन पहले रविवार को 1 लाख 59 हजार 914 मरीजों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।

देश में अब तक करीब 1.37 करोड़ लोग इस महामारी की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से 1.22 करोड़ ठीक हो चुके हैं। 1 लाख 71 हजार 89 ने जान गंवाई है। एक्टिव केस की संख्या में इस महीने 11 दिन में ही 6 लाख 78 हजार 519 की बढ़ोतरी हुई है। 1 अप्रैल को 5 लाख 80 हजार 387 एक्टिव केस थे, जो अब बढ़कर 12 लाख 58 हजार 906 हो गए हैं। सोमवार को इसमें 62,946 का इजाफा हुआ।

बीते 7 दिनों का कोरोना ग्राफ

11 अप्रैल 2021 का कोरोना डेटा: 169914 नए केस और 904 मौतें
10 अप्रैल 2021 का कोरोना डेटा: 152565 नए केस और 838 मौतें
9 अप्रैल 2021 का कोरोना डेटा: 144,829 नए केस और 773 मौतें
8 अप्रैल 2021 का कोरोना डेटा: 131,893 नए केस और 802 मौतें
7 अप्रैल 2021 का कोरोना डेटा: 126,315 नए केस और 684 मौतें
6 अप्रैल 2021 का कोरोना डेटा: 115,269 नए केस और 631 मौतें
5 अप्रैल 2021 का कोरोना डेटा: 96,557 नए केस और 445 मौतें


टीकाकरण: 10.85 करोड़ से ज्यादा लोगों को लगा टीका
देश में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान जारी है। कोविड टीकाकरण का तीसरा चरण चल रहा है, जिसके तहत 45 साल से ऊपर वालों को भी कोविड वैक्सीन लगाई जा रही है। वहीं 11 अप्रैल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार दिवसीय टीका उत्सव शुरू किया है, जिसके तहत ज्यादा से ज्यादा लोगों से वैक्सीन लगवाने की अपील की है। देश में अब तक 10,85,33,085 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है।