DRDO ने जारी की गाइडलाइन: कोरोना के ऐसे रोगियों में 2-डीजी दवा के इस्तेमाल पर फिलहाल रोक

 01 Jun 2021 02:08 PM

नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार लगातार धीमी होती जा रही है। वहीं अब मौतों के आंकड़ों में भी कमी देखी जा रही है और वैक्सीनेशन में भी तेजी आ रही है। इसी बीच डीआरडीओ द्वारा बनाई कोरोना की दवा भी मार्केट में आ गई है। यह दवा अब कोरोना संक्रमितों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध है। मंगलवार को डीआरडीओ ने 2डीजी दवा के इस्तेमाल को लेकर गाइडलाइंस जारी की है। जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि कोविड-19 के मरीजों को डॉक्टरों की देखरेख और प्रिस्क्रिप्शन के तहत ही यह दवा दी जाए। आइए जानते हैं डीआरडीओ ने गाइडलाइंस में क्या है...

 

 


 
बिना डॉक्टरी सलाह के न लें यह दवा

गाइडलाइंस के मुताबिक 2-डीजी दवा कोरोना के रोगियों के आपात इस्तेमाल के लिए ही है। अस्पताल में भर्ती कोरोना के रोगियों में सहायक चिकित्सा के तौर पर इस दवा का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। कोरोना के मध्यम और गंभीर रोगियों के इलाज के लिए डॉक्टरों की सलाह के आधार पर ही इसे प्रयोग में लाया जाना चाहिए। बिना डॉक्टरी सलाह के इस दवा का सेवन न करें।

यह लोग न करें दवा का सेवन
गाइडलाइंस के मुताबिक अनियंत्रित ब्लड शुगर, हृदय की बीमारी, एक्यूट रेसिप्रेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (एआरडीएस), लिवर और किडनी के रोगियों पर इस दवा का परीक्षण नहीं हुआ है, ऐसे में इन रोगियों को फिलहाल 2-डीजी दवा नहीं दी जानी चाहिए। इसके अलावा गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं और 18 साल से कम आयु के लोगों के लिए भी इस दवा के इस्तेमाल पर फिलहाल रोक है।

  •  2डीजी दवा को इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड एलाइड साइंसेज (आईएनएमएएस) ने हैदराबाद के डॉक्टर रेड्डी लेबोरेटरी के साथ मिलकर तैयार किया है। पाउडर के रूप में उपलब्ध इस दवा को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह रोगियों में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने और संक्रमितों की जान बचाने में बेहद कारगर साबित हो सकती है।