नॉनवेज खाने से 50-60 की उम्र में बढ़ जाता है कैंसर का खतरा

 13 Jan 2021 02:25 AM

गोरखपुर। शाकाहारी भोजन करने वालों की अपेक्षा मांसाहार करने वालों को कैंसर का खतरा ज्यादा है। खतरा 50 से 60 वर्ष की उम्र में और बढ़ जाता है। पूर्वांचल में सबसे ज्यादा कैंसर मरीज गोरखपुर में हैं। हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल में भर्ती मरीजों की दिनचर्या और बीमारी पर हुए शोध में यह तथ्य सामने आया है। शोध को ‘ह्यूमन बायोलॉजी जर्नल’ में प्रकाशित किया गया है। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के बायो टेक्नोलॉजी विभाग के प्रो. शरद मिश्र के निर्देशन में डॉ. अनुपमा ओझा ने हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर हॉस्पिटल एवं रिसर्च इंस्टीट्यूट के डॉ. शशांक शेखर के साथ मिलकर नवंबर 2018 से जनवरी 2019 तक कैंसर की जांच कराने आए लोगों को शोध में शामिल किया है। कुल 750 लोगों को पंजीकृत किया गया था। इनमें जांच के बाद 404 लोगों में कैंसर की पुष्टि हुई। उन्होंने बताया, मरीजों के खानपान और बॉडी माक्स इंडेक्स को देखा गया। 80.22 फीसदी मरीज मांसाहारी थे, जबकि शाकाहारी मरीजों की संख्या 19.77 प्रतिशत ही मिली। डॉ. अनुपमा ने बताया, लाइव साइंस पर उन्हें यूजीसी से फेलोशिप मिली है। अब वह कीटनाशक के प्रभाव से कैंसर पर शोध कर रही हैं।

अध्ययन में सबसे ज्यादा माउथ कैंसर के मरीज

कैंसर के सबसे ज्यादा रोगी मुंह और पित्त की थैली के हैं। यह संख्या क्रमश: 18.06 व 17.57 प्रतिशत है। इसके बाद ब्रेस्ट के 11.88 प्रतिशत तथा ब्लड कैंसर के मरीज 6.18 प्रतिशत मिले।

51 से 60 की उम्र वाले मरीज ज्यादा मिले

शोध में यह रिपोर्ट सामने आई है कि 51 से 60 वर्ष की उम्र वाले ज्यादा लोग इस बीमारी की चपेट में हैं। इस उम्र में करीब 25 फीसदी लोग मिले। इनमें 16.83 प्रतिशत पुरुष और 8.16 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं, जबकि सबसे कम 10 वर्ष की उम्र के रोगी में कैंसर पाया गया है। यह संख्या सिर्फ 2 प्रतिशत है।