गुड न्यूज : पीपुल्स मेडिकल कॉलेज का वैक्सीन ट्रायल में अहम रोल, आईसीएमआर की रिपोर्ट में दावा- वायरस से लड़ने में 78% प्रभावी, गंभीर बीमारी में 100% कारगर

 23 Apr 2021 10:23 AM

भोपाल। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच देशभर के लिए एक अच्छी खबर है। आईसीएमआर ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लेने के बाद 99 प्रतिशत लोग संक्रमित नहीं हुए हैं। यानी वैक्सीनेशन कराने के बाद कोरोना का असर उन लोगों पर ज्यादा नहीं हुआ है जिन्होंने कोविड के टीके का दूसरा डोज भी लगाया है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद भोपाल के भानपुर स्थित पीपुल्स यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. राजेश कपूर ने बताया वैक्सीनेशन 78% लोगों पर कारगर है। वहीं आईसीएमआर के डीजी ने कहा कि कोवैक्सीन वैरियंट डिस्टेंट कोरोना वायरस के खिलाफ ज्यादा इफेक्टिव व असरकारक है। यह टीका गंभीर कोरोना बीमारी के खिलाफ 100% असरकार है। यह जानकारी इन टीकों के डेवलपर्स भारत बायोटेक और आईसीएमआर ने बुधवार को दी। कोविड का टीका कई वेरिएंट को बेअसर करता है और डबल वैरियेंट को भी बेअसर कर सकता है। कोवैक्सिन ने कोरोना से लड़ने में 78% प्रभावकारिता दिखाई है। 

पीपुल्स मेडिकल कॉलेज में हुआ था ट्रायल 
पीपुल्स यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. राजेश कपूर ने कहा, कोवैक्सीन के ट्रायल में पीपुल्स कॉलेज भी जुड़ा था। यहां साल 2020 में 27 नवंबर को पहला टीका एक शिक्षक को लगाया गया था। मप्र और छत्तीसगढ़ में एक मात्र पीपुल्स कॉलेज  को ही ट्रायल के लिए चुना गया था। जहां लगभग 1700 लोगों सफल ट्रायल हुआ था। इस रिसर्च के नतीजों में पीपुल्स अस्पताल का भी अहम योगदान रहा है। 

संक्रमण और जोखिम को रोकता है कोविड का टीका 
आईसीएमआर के डायरेक्टर डॉ. बलराम भार्गव के अनुसार कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लेने के बाद 99% लोग संक्रमित नहीं हुए हैं। इन लोगों को कोविशील्ड या कोवैक्सीन दी गई थी। कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लेने के बाद सिर्फ 0.03% लोग ही पॉजिटिव हुए हैं। जबकि पहली डोज लेने के बाद 0.02% लोग संक्रमित हुए। डॉ. भार्गव का कहना है कि यह संख्या छोटी है और चिंता की कोई बात नहीं है। क्योंकि वैक्सीनेशन संक्रमण के जोखिम को कम तो करता ही है, साथ ही मौत और गंभीर संक्रमण को रोकने में भी मददगार होता है। 

देश के लिए बड़ा कदम 
भारत में बायोटेक और आईसीएमआर के मुताबिक, कोरोना बीमारी के खिलाफ कोवैक्सीन 100% कारगर साबित हुआ हैै, जिससे अस्पताल में भर्ती होने की नौबत कम आती है। उन्होंने कहा कि कोविड संक्रमण के खिलाफ इसकी प्रभावकारिता 70% है, जो यह बताता है कि इस वायरस के बढ़ने में भी कमी आई है। कोवैक्सीन, सार्स कोव-2 के ज्यादातर वेरिएंट के खिलाफ इस वैक्सीन ने अच्छा काम किया है, वैक्सीन की स्थिति को दुनियाभर में चल रहे वैक्सीनेशन कार्यक्रम को भी काफी सहयोग मिल रहा है, जो देश के लिए काफी बड़ा कदम है।