सरकार की नई एडवायजरी : हवा में 10 मीटर तक फैल सकता है कोरोना

 20 May 2021 03:59 PM

नई दिल्ली। कोरोना को लेकर सरकार ने गुरुवार को नई एडवाइजरी जारी की है। इसके साथ ही बीमारी से बचाव की नई गाइडलाइंस भी बताई हैं। सरकार ने इस संबंध में स्टॉप ट्रांसमिशन, क्रश पेन्डेमिक नाम का डॉक्युमेंट जारी किया है। डॉक्यूमेंट में कहा गया है कि अच्छे वेंटिलेशन वाली जगहों पर कोरोना होने की आशंका कम होती है। सरकार की तरफ से कहा गया है कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति के एयरोसोल  (5 माइक्रोन से कम आकार के कण या ड्रॉपलेट्स) 10 मीटर की दूरी तक फैल सकते हैं, उसके ड्रॉपलेट्स 2 मीटर तक जाते हैं। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए प्रोटोकॉल को सख्ती से फॉलो करने को कहा गया है।

प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार के विजय राघवन के ऑफिस से गाइडलाइंस जारी की गई हैं। गाइडलाइन में कहा गया है कि जिन लोगों में कोरोना के लक्षण नजर नहीं आते, वे भी संक्रमण फैला सकते हैं। कोरोना की रोकथाम को लेकर बताया गया है कि जिन जगहों पर वेंटिलेशन अच्छा है, वहां किसी संक्रमित से दूसरे में संक्रमण फैलने का खतरा कम रहता है। खिड़की-दरवाजे बंद रखकर AC चलाने से कमरे के अंदर संक्रमित हवा इकट्ठी हो जाती है और दूसरे लोगों को संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

जानें क्या कहा गया गाइडलाइन में :

- लोगों को डबल लेयर या फिर N95 मास्क पहनने चाहिए। डबल मास्क में पहले सर्जिकल और उसके ऊपर कपड़े का मास्क पहनें। अगर सर्जिकल मास्क नहीं है तो कॉटन के दो मास्क पहने जा सकते हैं।

-सर्जिकल मास्क का इस्तेमाल एक बार ही होता है, लेकिन 2 मास्क पहन रहे हैं तो सर्जिकल मास्क को 5 बार भी यूज कर सकते हैं। लेकिन सर्जिकल मास्क को एक बार इस्तेमाल के बाद सात दिन के लिए सूरज की रोशनी में छोड़ दें।

- संक्रमित व्यक्ति की नाक से ड्रॉपलेट्स और एयरोसोल के रूप में निकलने वाली सेलाइवा संक्रमण फैलने का मुख्य कारण हैं।

-संक्रमण से बचने के लिए दरवाजों के हैंडल, लाइट से स्विच, टेबल-कुर्सी और फर्श को फिलाइल और ब्लीच से साफ करते रहें।