गर्म पानी में डुबकी लगाने और सौना से मिलते हैं वॉकिंग, जॉगिंग व रनिंग जैसे फायदे

 05 Jun 2021 01:12 AM

लंदन। कोवेंट्री यूनिवर्सिटी, इंग्लैंड के रिसर्चर्स का कहना है कि रोजाना बाथ टब में गर्म पानी की डुबकी लेने पर वॉकिंग, जॉगिंग और रनिंग जैसे ही फायदे होते हैं। ऐसा करने से रक्त का प्रवाह, शरीर का तापमान एवं हृदय की धड़कन उसी तरह बढ़ती है, जैसे कि एक्सरसाइज करने से बढ़ती है। यह प्रक्रिया हृदय के स्वास्थ्य को मजबूत करने के साथ ही कोशिकाओं की वृद्धि एवं मरम्मत करने में भी सहायक हो सकती है। यह एक तरह से शरीर में अवसाद को भी कम करती है। इतना ही नहीं इससे ब्लड प्रेशर और शरीर की गर्मी कम होती है, तथा टाइप 2 डायबिटीज के रोगियों की शुगर भी कंट्रोल में रहती है। हालांकि इस तरह की हीट थैरेपी से फैट लॉस या मांस-पेशियों में सुधार एवं बोन डेंसिटी में कोई फायदा नहीं मिलता है। द कंजर्वेशन में इससे संबंधित प्रकाशित लेख के लेखक चार्ल्स स्टूवार्ड के अनुसार शोधकर्ताओं का मानना है कि एक्सरसाइज के साथ ही गर्म पानी से स्नान एवं सौना (वाष्प स्नान) के उपयोग से स्वास्थ्य को बहुत फायदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि एक्सरसाइज ही दवा है यह एक मशहूर कहावत है। यह स्वस्थ रहने का एक सर्वश्रेष्ठ तरीका है, लेकिन दवा भी तब फायदा करती जब शरीर इसको लेने के लायक हो।

एक्सरसाइज का एक बेहतर विकल्प

बहुत से लोग समय की कमी के कारण एक्सरसाइज नहीं कर पाते। इसके अलावा अधिक उम्र तथा बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए एक्सरसाइज करना पीड़ादायक हो सकता है। स्टूवर्ड का कहना है कि स्वास्थ्य को सही रखने का एक्सरसाइज ही बेहतर तरीका है, लेकिन रिसर्च से यह पता चलता है कि सौना या हॉट टब में नहाना ऐसे लोगों के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है।

दुनिया भर में 25 फीसद लोग पूरा नहीं करते निर्धारित मापदंड

दुनियाभर में लगभग 25 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो सप्ताह में अच्छी एक्सरसाइज के लिए निर्धारित 150 मिनट या कड़ी एक्सरसाइज के लिए निर्धारित 75 मिनट की समयसीमा का पालन नहीं करते हैं। वॉकिंग, जॉगिंग एवं सायकिलिंग को अच्छी एक्सरसाइज तथा तेज दौड़ने जैसी गतिविधियों को कड़ी एक्सरसाइज की श्रेणी में रखा जाता है।

सौना बाथ से भी एक्सरसाइज जैसा लाभ

कोवेंट्री यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने अपने अध्ययन में पाया कि ऐसे वॉलेंटियर्स जो हॉट टब में जितना वक्त बिताते हैं, उनकी ऊर्जा का व्यय, शरीर का तापमान तथा हृदय की धड़कन उतनी ही बढ़ जाती है, जितना की उतने समय तक साइकिल चलाने वाले वॉलेंटियर की बढ़ती है। ऐसे लोगों की रक्त वाहनियों का अल्ट्रासाउंड स्कैन करने पर रक्त के प्रवाह में भी यही समानता देखने को मिली। दुनिया के कई देशों में सौना एंव हॉट बाथ की संस्कृतियों जैसे फिनलैंड, जापान एवं दक्षिण कोरिया में सौना एवं हॉट बाथ व्यापक तौर पर प्रचलन में हैं। अकेले फिनलैंड में लगभग 30 लाख सौना गृह हैं, जबकि वहां की आबादी 55 लाख है।