महिलाओं में बांझपन के लिए जहरीले रसायन जिम्मेदार

 04 Jun 2021 12:38 AM

सोलनावेगेन (स्वीडन) दुनियाभर में जन्म दर घट रही है। सभी यूरोपीय देशों में यह जनसंख्या प्रतिस्थापन स्तर, जो जनसंख्या को स्थिर रखने के लिए प्रति महिला द्वारा आवश्यक रूप से पैदा किए जाने वाले बच्चों की संख्या को दर्शाता है, से भी नीचे गिर रही है। हालांकि इस कमी का कारण कई वयस्कों पहला बच्चा होने के बाद दूसरे बच्चे की पैदाइश को जानबूझकर स्थगित करना हो सकता है, या इसलिए भी क्योंकि कुछ लोग बच्चे पैदा न करने का विकल्प चुनते हैं। कुछ शोध बताते हैं कि घटती प्रजनन क्षमता इस गिरावट में योगदान देने वाला एक प्रमुख कारक है। घटती प्रजनन क्षमता से जुड़ा एक कारक हमारे पर्यावरण में औद्योगिक रसायनों की उपस्थिति है। महिलाओं की प्रजनन क्षमता पर भी इन रसायनों का बेहद बुरा प्रभाव देखने को मिला है।

भोजन के जरिए हम आते हैं रसायनों के संपर्क में

हम भोजन के जरिए रसायनों के संपर्क में आते हैं, बहुत बार उन उत्पादों के जरिए जिन्हें हम अपनी त्वचा पर लगाते हैं, और गर्भ में विकसित होने के दौरान माताओं के जरिए यह बच्चों तक पहुंचते हैं। रसायनों की संख्या साथ ही पर्यावरण में उनकी प्रचुरता, 1940 के दशक से लगातार बढ़ी है, जिसका वन्य जीवन और मानव प्रजनन क्षमता पर विनाशकारी प्रभाव पड़ा। बहुत से रसायनों को सुरक्षा के लिए बहुत कम परीक्षण के साथ बाजार में पेश किया गया, जिसने मनुष के लिए ज्यादा समस्या पैदा की।

कई रसायन प्रजनन के लिए बेहद नुकसानदेह

अभी कुछ दशकों के उपभोक्ता उपयोग के बाद ही कई रसायनों को प्रजनन के लिए हानिकारक पाया गया है। इनमें पीएफएएस (टेμलॉन, स्कॉच गार्ड और फायरफाइटिंग फोम में प्रयुक्त रसायन), फाथेलेट्स (प्लास्टिक पैकेजिंग, चिकित्सा उपकरण और साबुन और शैंपू में प्रयुक्त), साथ ही कीटनाशक और पीसीबी जैसे अन्य औद्योगिक रसायन शामिल हैं। इनके नकारात्मक प्रभावों में पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या में कमी और महिलाओं के गर्भवती होने की क्षमता में कमी शामिल है। यह अध्ययन अपनी तरह का पहला है, जो रासायनिक जोखिम व एक महिला के अंडों की संख्या के बीच की कड़ी की जांच करता ह

दशकों पहले कियाथा प्रतिबंधित:

जिन रसायनों को हमने अंडे की कम संख्या से संबद्ध पाया, उन्हें दशकों पहले एक अंतरराष्ट्रीय संधि द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया था। फिर भी अपने हठी अस्तित्व के कारण, वे अभी भी पारिस्थितिकी तंत्र और हमारे भोजन को दूषित करते हैं।

रासायनिक सुरक्षा पर पुनर्विचार की जरूरत:

. भविष्य में, शोधकर्ताओं को जांच करनी चाहिए कि क्या सभी महिलाओं की प्रजनन क्षमता- गर्भवती महिलाओं के विपरीत - इन रसायनों से समान रूप से प्रभावित होती है। इस अध्ययन की बेहद जरूरत है।