सैनिकों के कर्णप्रिय बिगुल की आवाज ‘कॉल ऑफ बिगुल’

 20 Nov 2020 12:37 AM

सैन्य जीव का श्रीगणेष बिगुल की आवाज से प्रशिक्षण की शुरुआत के साथ ही होता है। चयन की तमाम प्रक्रियाओं के साथ सफलता की सीढ़ियां चढ़ते जब भविष्य के बहादुर सैनिक अपने सैन्य जीवन की शुरुआत करते है तो बहादुर सैनिक अपने प्रशिक्षण एवं दिनचर्या को समय बुद्ध अनुशासन में बांधकर ही असैन्य जीवन से सैन्य जीवन की परम्परा में ढालने लगते है। इसीलिये हमारे सैनिक देश के रक्षक तथा जिम्मेदार नागरिक कहलाते है। जोशीले युवाओं के सैन्य जीवन में कैसे ढलते है इसी पृष्ठभूमि पर आधारित सैन्य फिल्म ‘कॉल ऑफ बिगुल’ का प्रदर्शन शौर्य स्मारक के मुक्ताकाश मंच पर गुरूवार शाम को किया गया। आर्मी ट्रैनिंग पर आधारित फिल्म्स डिवीजन ऑफ इंडिया द्वारा प्रस्तुत इस फिल्म का निर्माण एनएस थापा एवं निर्देशन मजाहिर रहीम ने किया। फिल्म में दिखाया गया कि कैसे समय एवं उत्तरदायित्वा की कीमत को वीर सैनिक भलिभांति समझते है।