तुर्की से आया था भोपाली कुर्ते का चलन, 5 मीटर का होता था शाहजहां बेगम का दुपट्टा

 28 Dec 2020 12:11 AM

जिला प्रशासन व मप्र हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम द्वारा गौहर महल में आयोजित ‘राग भोपाली’ मेले का शुभारंभ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हमारे परंपरागत कारीगर और उनके द्वारा बनाए गए जरी वाले बटुए और साड़ियां व विभिन्न वस्तुएं अपने आप में अलग स्थान रखते हैं। हम पहले भी निर्देशित कर चुके हैं कि भोपाल में जरी के काम में लगे हुए हमारे कारीगर, हमारी बहनों को रोजगार और बाजार दोनों से जोड़ना है। उनका यह काम ठीक ढंग से चले और यह आजीविका समाप्त न हो, इसके लिए उनके सामानों को बाजार से जोड़कर उनकी हर संभव कदद करेंगे, ताकि उनके सामानों की बिक्री हो और प्लेटफॉर्म मिले। बता दें कि यह मेला 30 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें जरी-जरदोजी के अलावा भोपाल के लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाने का भी मौका मिलेगा। इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर, कलेक्टर अविनाश लवानिया सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

1938 में बने गोल्ड जरदोजी दुपट्टे का डिस्प्ले

मेले में फैशन डिजाइनर मुमताज खान ने अपने कलेक्शन को डिस्प्ले किया है। इसमें उन्होंने 1938 में तैयार गोल्ड बेस्ड फैब्रिक पर गोल्ड वर्क में तैयार दुपट्टे को डिस्प्ले किया। मुमताज ने बताया कि उनकी सासू मां की माताजी ने 1938 में इसे बनाया था। उस समय इसे तैयार करने में करीब दो महीने का समय लगा था। इसमें करीब चार तोला सोना और 50 ग्राम चांदी के तार का उपयोग किया गया है। इस कलेक्शन की आज के दौर में कीमत करीब 10 से 15 लाख रुपए होगी।

नौकर पकड़कर चलते थे बेगम का दुपट्टा

डिजाइनर समर खान मेले में भोपाली कुर्ते लेकर आई हैं। उन्होंने बताया कि भोपाली कुर्ते की खास बात यह है कि ये वर्क सबसे पहले तुर्की में प्रचलित था। इसका दुपट्टा करीब पांच मीटर का होता है। बताया जाता है कि शाहजहां बेगम के नौकर दुपट्टा पकड़कर चलते थे। इसके पजामे में तंचोई वर्क किया जाता है।

स्किन फ्रेंडली भोपाली उबटन

अशोका गार्डन निवासी कौसर खान भोपाली उबटन लेकर आई हैं। उन्होंने बताया कि यह उबटन 12 तरह की जड़ी बूटी से बनाया जाता है। इसमें मुख्य इन्ग्रीडिएंट गेहूं होता है , जिसे भिगोने के बाद सेंका जाता है। इसमें चंदन, हल्दी, अमर बेल का भी इस्तेमाल किया जाता है। कौसर ने बताया कि इस उबटन का इस्तमाल मुस्लिम शादियों में ज्यादा होता है । इसे फेस पैक के तौर पर भी उपयोग में लाया जाता है और यह बेहद स्किन फ्रेंडली होता है।