इस वेकेशन हैप्पीनेस चैलेंज और स्टोरी बेस्ड कैरक्टर मेकिंग के जरिए बच्चों को रखेंगे बिजी

 01 May 2021 12:36 AM

स्कूलों में समर वेकेशन की डिक्लेयर हो चुके हैं। अब तक आनलाइन क्लास के जरिए बच्चों का पढ़ने-लिखने में समय बीतता था, वो भी अब खाली रहेगा। हालांकि स्कूल्स ने समर होमवर्क बच्चों को दिया है, लेकिन रूटीन की तरह पहले जैसा कुछ नहीं। वैसे ही बच्चों पर यह साल भारी पड़ रहा है , क्योंकि दो साल होने को जा रहे हैं, बच्चे इंडोर गेम्स में मन लगाकर थक चुके हैं। उनके चेहरों पर अब बोरियत साफ झलकती है। हालात यह हैं कि माता-पिता डर की वजह से कंपाउंड या अपार्टमेंट की छत पर भी बच्चों को खेलने नहीं जाने देना चाहते। यह डर वाजिब भी है, आखिर ऐसे कठिन समय में बच्चे अपना मन पूरे दिन घर में किस तरह लगाएं। इन सवालों का जवाब मुश्किल है, लेकिन फिर भी एक्सपर्ट्स से कुछ रास्ते सुझाने को कहा गया तो उन्होंने कुछ तरीके साझा किए।

बच्चों को प्रकृति से जोड़ने वाली कहानियां पढ़ाते हैं

हम आस्कर वाइल्ड, रस्किन बॉन्ड से लेकर प्रेमचंद की कहानियों पर जूम या मीट पर सेशन करते हैं, जिसमें सभी बच्चे एक-एक बताई गई कहानी पढ़कर आते हैं और उसे लेकर उन्होंने क्या महसूस किया बताते हैं। यह कहानियां बच्चों को नेचर व भावनाओं से जोड़ती हैं। इसके अलावा अलग- अलग भाषाओं के बेसिक्स बच्चे सीख रहे हैं। उन्हें अच्छा लगता है जब वे किसी अन्य भाषा में गिनती या अभिवादन व कुछ वाक्य बोलते हैं। हम जब घर में कुछ आर्ट वर्क का सामान न हो तो आटे की लोई को टेबलेट बनाकर उस पर आर्ट वर्क करते हैं।

बच्चों के लिए कर रही ‘आरंभ स्लोगन प्रतियोगिता’

आरंभ स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन बच्चों के लिए कर रही हूं, ताकि बच्चे घर में रहते हुए भी रचनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहें। इस प्रतियोगिता में 6 साल से लेकर 15 साल तक के बच्चे भाग ले रहे हैं। बच्चों को चार विषयों पर चार-चार पंक्तियों में स्लोगन लिखना होगा, जिसके विषय हैं- मेरा परिचय, मेरी दिनचर्या, कोरोना और भारत। सभी बच्चों को ई-सर्टिफिकेट दिए जाएंगे। मैं कोशिश कर रही हूं कि लगातार इस तरह की गतिविधियां जारी रखूं, ताकि इस समय बच्चों का मन तो अच्छा रखने में सफल रहूं।

एक लाख खुशियों वाला एक्स्ट्रा चाइल्डहुड मिशन

हर तरफ एक अजीब सा नकारात्मकता का माहौल बना हुआ है। इसका सीधा असर बच्चों पर देखा जा सकता है। नॉवेल सोशल फाउंडेशन के एक्स्ट्रा चाइल्डहुड ने शुरू किया है एक्स्ट्रा हैप्पीनेस नाम का एक अनोखा अभियान। इस अभियान में बच्चों और अभिभावकों को हर ह़ते विभिन्न प्रकार के हैप्पीनेस चैलेंज दिए जाएंगे। अभियान के प्रचार और प्रसार के लिए मध्य प्रदेश की प्रसिद्ध हस्तियों, अधिकारियों और कलाकारों को हैप्पीनेस ब्रांड एंबेसडर बनाया जाएगा। इस अभियान को 2 मई को विश्व लाटर दिवस पर लॉन्च किया जाएगा। फेसबुक पर इंस्टाग्राम के जरिए हैप्पीनेस चैलेंज इन लोगों के बीच दिए जाएंगे।

कहानियों के कैरेक्टर बनाने दें..

हमने इस साल बच्चों के लिए आफलाइन बहुत कुछ प्लान किया था, लेकिन परिस्थितियां बिल्कुल विपरित हो गई हैं। अब आनलाइन गतिविधियां प्लान कर रहे हैं, ताकि बच्चे अपना बचपन कुछ तो ठीक तरह से जी सकें। हम तो यह गतिविधियां कराएंगे ही साथ ही पैरेंट्स चाहें तो बच्चों को घर में कहानी सुनाकर या बच्चों की पसंद की कहानी के कैरेक्टर ड्राइंग बुक में बनाने को कह सकते हैं। ग्राफिक नॉवेल बच्चे बना सकते हैं, यह एक्टिविटी हम प्लान करेंगे। पुराने समान से कुछ नया बनाने को दें। इस समय बच्चों से टोका-टाकी न करें। वो जैसा एक जगह बैठकर अपना मन लगाने के लिए काम कर रहे हैं, वैसा करने दें। जो रंग भर रहे हैं, घर में जो फैलावा कर रहे हैं, करने दें।