डॉक्टर्स और इंजीनियरों ने सुनाए सदाबहार गीत

 21 Feb 2021 12:24 AM

गुंजन वेलफेयर फाउंडेशन की और से शहीद भवन में शाम को ‘सदाबहार गीतों की शाम’ का आयोजन किया गया। गुंजन फाउंडेशन के इस सालाना जलसे में अपने प्रदर्शन के लिए भोपाल के कुछ ख्यात डॉक्टर्स, इंजीनियर, बिजनेसमैन और रिटायर्ड अधिकारी सुरों को साधते दिखे। इनमें कुछ प्रमुख नामों पर गौर करें तो गेस्ट्रो एंटोलॉजिस्ट डॉ.संजय कुमार,डॉ.रितु नेमा, बिजनेसमैन रंजीव साहनी, रिटायर्ड इंजीनियर प्रभाकांत कटारे, इंजीनियर अजय सक्सेना, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर राधारमण त्रिपाठी,एलयूएन के पूर्व सीजीएम राकेश तिवारी, सुनील श्रीवास्तव,इंजीनियर सुभाष भवनानी, इंजीनियर राजेश वर्मा के नाम शामिल हैं। इसमें करीब शौकिया गायकों ने 30 सदाबहार गीतों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की शुरूआत गरिमा चावले ने ये मेरा दिल प्यार का दीवाना से की। इसके बाद प्रभाकांत कटारे ने ‘ये कौन चित्रकार है...’ की प्रस्तुति से सभी श्रोताओं का मनोरंजन किया। शौकियां गायकों में किरण भवनानी ने ‘फजां भी है जवां..’ गीत सुनाया। इसी कड़ी में युगल परफॉर्मेंस भी हुई जहां दीपक असाई और अस्मत रावत ने ‘दीवाना हुआ बादल...’जैसे गीत सुनाए।

केवल शौकिया गायक हूं

मैं नगरीय प्रशासन विभाग से इंजीनियर इन चीफ पद से 2019 में रिटायर हुआ। सरकारी कार्य के रहते व्यक्ति अपनी रुचि का अनुसरण नहीं कर पाता था, गायन का एक अद्भुत संसार है और इस विधा से जुड़ना एक सुखद अनुभव है। मेरा गायन केवल हमेशा शौकिया ही रहा है। -प्रभाकांत कटारे, रिटायर्ड इंजीनियर

लॉकडाउन के बाद पहली परफॉर्मेंस

बचपन से तो हम सभी गाते रहे है,लेकिन एक सपना हर कोई देखता है कि कहीं न कहीं किसी स्टेज पर परफॉर्मेंस देने का मौका मिले। 2012 से मैं स्टेज पर परफॉर्म कर रहा हूं और इसी का नतीजा है कि आज भी स्टेज पर मौका मिलता है तो अच्छा लगता है। लॉकडाउन के बाद मेरी स्टेज पर पहली परफॉर्मेंस है - अजय सक्सेना, इंजीनियर सीपीडब्ल्यूडी

सिर्फ सिंगर मुकेश के गीत गाता हूं

मैं ऊर्जा विभाग में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर हूं। मुझे कॉलेज टाइम से ही गाने का शौक रहा है। कईं सालों से स्टेज पर शौकिया तौर पर परफॉर्म कर रहा हूं और सिर्फ सिंगर मुकेश के ही गाने गाता हूं। मुझे उनके गए गाने बेहद पसंद है। लॉकडाउन के दौरान मोबाइल से गाकर मनोरंजन किया। - आर.आर त्रिपाठी, इंजीनियर