नर्मदाष्टकम नृत्य के जरिए मां नर्मदा की महिमा का बखान, ओडिसी से भी मन मोहा

 22 Nov 2020 01:30 AM

हिंदी और भारत की अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में रचित साहित्य और कला को नई पहचान दिलाने के लिए आयोजित किए जाने वाले वोल ‘टैगोर अंतर्राष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव’ विश्व रंग 2020 के दूसरे दिन डॉ. बिंदू जुनेजा के ओड़िसी नृत्य के साथ शुरुआत हुई। मां नर्मदा की महिमा का बखान करने वाले नर्मदाष्टकम नृत्य की शानदार प्रस्तुति देकर बिंदू जुनेजा ने सभी को मनमोहित कर लिया। इसके अलावा मंगलाचरण कार्यक्रम में बिंदू जुनेजा ने शानदार ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति भी दी। दिन के पहले सत्र का संचालन विनय उपाध्याय ने किया। नर्मदा परिक्रमा नाम के इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी नदी मां नर्मदा की अराधना की गई। इसके उपरांत हेक्टर ग्रासिया, फ्रांसेस मिरालेस और डॉ. पल्लवी चतुर्वेदी ने बातचीत की। विदेश में प्रकाशित हो रही हिंदी पत्रिकाओं पर भी कार्यक्रम में प्रकाश डाला गया। इस दौरान जवाहर कर्णावत की फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। शिक्षकों की आनलाइन पढ़ाने की हो टेनिंग कोविड के बाद की दुनिया कार्यक्रम में पूर्व अध्यक्ष एआईसीटीई एसएस मंथा, कमिश्नर कॉलेज एवं तकनीकि शिक्षा, तेलंगाना नवीन मित्तल और डायरेक्टर, डिजिटल लर्निंग, आईएसबी अंतरप्रीत सिंह इस चर्चा में शामिल हुए। इस दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता, कला और संस्कृति पर कोरोना का क्या प्रभाव रहा है और इससे हम कैसे बच सकते हैं। इन विषयों पर कार्यक्रम में चर्चा हुई। शिक्षा पर कोरोना का सबसे ज्यादा प्रभाव रहा है। इस पर बात करते हुए डॉ. एस.एस. मंथा ने बताया कि क्लासरूम स्टडी बंद होने के बाद आॅनलाइन एजुकेशन का महत्व बढ़ा है, पर शिक्षकों को आनलाइन एजुकेशन की ट्रेनिंग ना होने के कारण लगातार परेशानी हो रही है और हमें इस विषय पर सबसे ज्यादा काम करने की जरूरत हैं।

आज यह होगा खास

देश के प्रसिद्ध पेरेंटिंग यू ट्यूब चैनल गेट—सेट—पेरेंट विद पल्लवी द्वारा विश्व रंग 2020 के अंतर्गत पहला बाल साहित्य, कला और संगीत महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 22 से 29 नवंबर 2020 के मध्य टैगोर अंतरराष्ट्रीय साहित्य, कला और संगीत महोत्सव के अंतर्गत किया जाएगा।