गरबाबंदी:टैटू आर्टिस्ट्स के पास इस बार सिर्फ 2% काम

 15 Oct 2020 12:57 AM  196

नवरात्रि शुरू होने से पहले घरों में गरबा की तैयारियां भी शुरू हो जाती हैं। सबसे ज्यादा गरबा और इसके लिए टैटू गुदवाने का क्रेज रहता है, लेकिन इस बार ‘गरबाबंदी’ है। यानी यह आयोजन नहीं होंगे। ऐसे में टैटू आर्टिस्ट्स का बिजनेस भी मंदी में है। जो आर्टिस्ट्स गरबा शुरू होने के पहले 1,000 टैटू तक बना लेते थे , वे अभी 15 टैटू भी नहीं बना पाए हैं।

टैटू डिजाइंस का क्रेज

टैटू लवर्स जानते हैं कि मार्केटमें टैटू से जुड़ी अब कई तकनीक और आर्ट मौजूद हैं। आप परमानेंट टैटू ही बनवाएं ऐसा जरूरी नहीं है। साथ ही आपको टैटू बनवाते समय दर्द हो ऐसा भी जरूरी नहीं है। खासतौर पर नवरात्रि में चाहें तो कुछ दिन के लिए टैटू डिजाइन करा सकते हैं।

खास गरबा के लिए

नवरात्रि में पूरे देश में गरबा डांस का आयोजन किया जाता है। जगहज गह पांडाल लगाए जाते हैं और पारंपरिक गीतों की धूम पर लोग गरबा करते हैं। कोरोना की गाइडलाइन के चलते इस साल गरबों के आयोजन की किसी भी तरह की छूट नहीं है इससे भी टैटू बिजनेस पर असर पड़ा है।

पीठ पर भी गरबा

गुजराती या राजस्थानी पारंपरिक लहंगा और बैकलेस चोली के साथ यंग गर्ल्स गरबा खेलते हुए टैटू बनवाना पसंद करती हैं, लेकिन इस साल संभव न होने के कारण यह क्रेज काफी खत्म सा नजर आ रहा है।

200 से 10 हजार तक के टैटू रहते थे डिमांड में

शहर के टैटू आर्टिस्ट्स ने बताया कि गरबा के समय हर साल हजार टैटू बनाए जाते थे। अभी तक कुछ ही आर्डर मिले हैं। साथ ही बताया कि जो कपल्स खास तौर पर टेम्पररी टैटू बनवाने के लिए आते थे, वे भी इस बार संपर्क में नहीं हैं। टेम्पररी टैटू 200 रुपए से शुरू होकर 5,000 रुपए तक के बनाए जाते थे। कोरोना के डर से इस साल यह भी नहीं बन रहे हैं।

पिछले साल के मुकाबले बहुत मंदा है बिजनेस

कोरोना से टैटू बिजनेस पर काफी असर हुआ है। इस साल गरबा न होने की वजह से लोगों में भी टैटू गुदवाने का क्रेज खत्म ही कर दिया है। हम इस समय तक 500 से भी ज्यादा टैटू बनाते थे, अभी तक सिर्फ 10 ही टैटू बना पाए हैं। ये वे लोग हैं जो घर पर ही गरबा खेलने वाले हैं। नवरात्रि में गरबा का क्रेज देखकर ही क्लाइंट्स फुल बैक और फुल स्लीव्स टैटू बनवाना पसंद करते हैं। लेकिन इस साल अभी तक ऐसा कोई भी नहीं आया है,जो ऐसे टैटू गुदवाए। उम्मीद करते हैं कुछ अच्छा हो जाए ।

अब घर पर गरबा खेलने वालों से ही उम्मीद

इस साल कही भी बड़े लेवल पर गरबा महोत्सव न होने से लोगों में क्रेज तो कम हो ही गया है, साथ ही वे भी किसी तरह का रिस्क लेने से बच रहे हैं। पिछले साल के मुकाबले इस साल अभी तक एक भी क्लाइंट टैटू गुदवाने नहीं आए हैं जो स्पेशली गरबा के लिए हो। गरबा के दौरान टेम्पररी टैटू की डिमांड बहुत होती थी,लेकिन अभी तक ऐसी अभी तक डिमांड छोड़ किसी ने पूछा भी नहीं है। उम्मीद करता हूं कुछ क्लाइंट्स ऐसे भी होंगे, जो घर पर ही गरबा का आयोजन करें और मैं टैटू बनाऊं।

डिस्काउंट के बाद भी नहीं दिख रहे कस्टमर्स

हर साल 1,000 टैटू बनाता था। अभी जीरो इम्प्रेशन होने से टैटू बिजनेस पर बहुत असर पड़ा है। गरबा शुरू होने के एक हते पहले से बुकिंग्स हो जाती थी,लेकिन इस साल अभी तक जीरो बुकिंग है। पिछले साल मैंने सबसे बड़ा टेम्पररी बैकलेस टैटू 4,000 रुपए में बनाया था। इस साल तो डिस्काउंट देने के बाद भी किसी भी तरह का उत्साह नहीं दिख रहा है। इस बार मैंने कुछ नए डिजाइन भी तैयार किए थे, लेकिन लगता है ऐसे ही रह जाएंगे।