वेस्ट मटेरियल से बनाया गार्डन, घरों में लगाए हजारों पौधे

 22 Apr 2021 01:15 AM

दुनियाभर में पर्यावरण संरक्षण को समर्थन देने के लिए हर साल 22 अप्रैल को ‘अर्थ डे’ मनाया जाता है। अर्थ डे की शुरुआत अमेरिकी सीनेटर गेलोर्ड नेल्सन ने पर्यावरण की शिक्षा के रूप में की थी। सबसे पहले इस दिन को मनाने की शुरुआत साल 1970 में हुई, जिसके बाद हर 22 अप्रैल के दिन को लगभग 195 से ज्यादा देश मनाते हैं। हर साल इस दिवस को मनाने के लिए एक विशेष थीम भी होता है। अर्थ डे 2021 के लिए इस वर्ष की थीम ‘रिस्टोर अवर अर्थ’ है। यह विषय बताता है कि हमें ग्रह को पुनर्स्थापित करने और दुनिया के पारिस्थितिक तंत्र के पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। आईएम भोपाल ने शहर के उन लोगों से बात की जो इस और योगदान दे रहें हैं।

घर पर बनाए ग्रीन कॉर्नर

गार्डन में 450 तरह की प्रजातियों के प्लांट्स, 150 तरह एग्जॉटिक पौधे, 4000 से ज्यादा गमलों लगाए हैं। अर्थ डे पर मेरा यही मानना है कि घर के एक कॉर्नर पर अपना एक गार्डन जरूर होना चाहिए। अगर आप एक गार्डन कॉर्नर नहीं भी बना पाते हैं तो कुछ ऐसे रेयर प्लांट्स होते हैं जो घर में रखने से काफी आक्सीजन जेनेरेट करते हैं चाहे चार या पांच पौधे ही क्यों न हो उन्हें लगाएं। अब समय आगया है जब इस पृथ्वी से जो लिया है वह लौटा भी दिया जाए। जितना हो सकता है उतने पौधे लगाएं और लोगों को जागरूक करें।

क्लाइमेट इमरजेंसी डिक्लेयर करने की जरूरत है

जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण सुरक्षा के लिए दुनिया भर के स्कूली बच्चों के साथ मिलकर 'फ्राइडे फॉर यूचर इज ग्लोबल रेवोल्यूशन' के तहत प्रोटेस्ट करना शुरू किया था। इस कैंपेन के जरिए मैंने सरकार से तीन डिमांड की है। सरकार जल्द से जल्द क्लाइमेट इमरजेंसी डिक्लेयर करें। मेरी यही डिमांड थी कि,जितने भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट भोपाल में चल रहे हैं वे सीएनजी या फिर कसी भी रिन्यूएबल एनर्जी पर चलाई जाए। विकास के नाम पर 15 साल में जितना भी डिफॉरेस्टेशन हुआ है, उसी प्रोपोरशन में सरकार अफॉरेस्टेशन भी करे। तीसरी स्टेट से सिंगल यूज प्लास्टिक को बंद करें। यह अगर करेंगे तो लोगों में भी अवेयरनेस आएगी।

घर में लगाए एक हजार पौधे

2015 में मैंने टायर को काटकर उसमें पौधे लगाना शुरू किए। घर की खूबसूरती बढ़ी तो मुझे ख्याल आया कि क्यों न पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले प्लास्टिक का उपयोग गमले बनाने में किया जाए। मैंने उससे भी गमले तैयार कर उसमें पौधे लगाए। अब मेरे घर में करीब एक हजार पौधे लगे हैं। मुझे देखकर आसपास रहने वालों लोगों ने भी टायर और प्लास्टिक से बने गमलों में पौधे रोपना शुरू कर दिया।