पहले दिन मिला अच्छा रिस्पॉन्स, 95 लोगों ने लगवाई वैक्सीन

 02 May 2021 01:57 AM

शहर के पहले ड्राइव इन सिनेमा में राज्य सरकार और मध्यप्रदेश पर्यटन के प्रयासों से ‘ड्राइव इन वैक्सीनेशन’ शुरू हुआ है। स्वास्थ्य विभाग और यूनिसेफ के सहयोग से राज्य पयर्टन निगम की श्यामला हिल्स स्थित होटल लेक व्यू के परिसर में इसका संचालन शुरू किया गया। इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने ड्राइव इन वैक्सीनेशन सेंटर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक एस विश्वनाथन और कलेक्टर भोपाल अविनाश लवानिया भी उपस्थित थे। इस मौके पर काटजू हॉस्पिटल के मेडिकल स्टाफ ने वैक्सीन लगाई, जिसमें डॉ. सुजाता जनवदे, आरके यादव, सुपरवाइजर, वेक्सीनेटर कोमल वर्मा और पूर्णिमा पांडे मौजूद रहे। प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि भोपाल वासियों को सुरक्षित और सुलभ वैक्सीनेशन की सुविधा के लिये यह नया प्रयोग शुरू किया गया है। वहीं मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक एस. विश्वनाथन ने बताया कि शनिवार को लगभग 95 लोगों का टीका लगाया गया।

पिक एंड ड्रॉप की सुविधा भी उपलब्ध

एमडी विश्वनाथन ने बताया कि सुरक्षित वैक्सीनेशन के लिए राजधानीवासियों के लिए पिक एंड ड्रॉप की सुविधा भी शुरू की गई है। इच्छुक व्यक्ति पर्यटन निगम के परिवहन शाखा के नंबर 90397 61097 पर संपर्क कर सकते हैं। उन्हें 10 किलोमीटर तक 400 रुपए, 20 किलोमीटर तक 600 रुपए और 35 किलोमीटर तक के लिए 900 रुपए का शुल्क देना होगा। ड्राइव इन वैक्सीनेशन रोजाना शाम 5 बजे से 8 बजे तक 45 वर्ष से अधिक आयु के (प्री - रजिस्टर्ड) को टीका लगाया जाएगा।

जल्द प्रदेश होगा कोरोना मुक्त

हम लोग सोनागिरि से वैक्सीन लगवाने के लिए आए। यह एक अच्छी पहल है हम बुजुर्गों के लिए काफी सेफ और सिक्योर है। इस तरह की वैक्सीनेशन ड्राइव शहर के अलग-अलग लोकेशन पर भी शुरू हो जानी चाहिए। मुझे वैक्सीन लगवाने का भी कोई डर नहीं लगा और अब मैं कॉन्फिडेंट हूं। प्रदेश भी जल्द कोरोना मुक्त हो जाएगा ऐसी उम्मीद है। - श्रुति व्यास , 60साल

वैक्सीन जरूर लगवाएं

मैंने आॅनलाइन ही वैक्सीन के लिए अप्लाई किया था बहुत आसानी से स्लॉट मिला। मेरा मानना है कि यही समय है सभी को वैक्सीन जरूर लगवाना चाहिए। मैंने हमेशा ड्राइव इन सिनेमा के बारे में सुना था। वैक्सीन के बहाने यह भी देखने को मिला। सबसे सेफ और इजी प्रोसेस से वैक्सीन लग गई। इससे अच्छा इंतजाम और कुछ नहीं हो सकता। - त्रिभुवन नाथ, 78 साल