कोरोना में कारगर नहीं घरेलू नुस्खे

 03 May 2021 12:47 AM

कोरोना की दूसरी लहर में देश के हालात नाजुक हैं। इस बीच, कुछ लोग संक्रमण से बचने के लिए देसी नुस्खे या घरेलू इलाज भी अपना रहे हैं। वे सोशल मीडिया पर लोगों को ऐसा ही करने की सलाह भी दे रहे हैं। लेकिन, ये जरूरी नहीं कि हर देसी नुस्खा आपकी सेहत के लिए कारगर ही हो। कभी-कभी बिना जानकारी के किए गए कुछ घरेलू इलाज नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। आयुष मंत्रालय ने वायरल हो रहे ऐसे मैसेजेस को लेकर ट्विटर पर फैक्ट चेक देना शुरू कर दिया है। उनके मुताबिक वे किसी भी वायरल मैसेज की सत्यता की पुष्टि नहीं करते। आम लोग आयुष मंत्रालय के ट्विटर हैंडल पर जाकर इसे देख सकते हैं। वहीं, डब्लूएचओ भी ट्विटर हैंडल पर लोगों को बता रहा है कि पारंपरिक और घरेलू उपचार कोविड-19 के लक्षणों में राहत दे सकते हैं, लेकिन ये बीमारी का इलाज नहीं हैं।

कुछ वायरल मैसेज और उनकी हकीकत

कपूर में तेज सुगंध होती है। इसका इस्तेमाल नाक खोलने वाले जेल में भी किया जाता है। इसमें कपूर का इस्तेमाल 4 से 5 प्रतिशत के बीच ही होता है। यह बंद नाक को खोल देता है, जिससे आक्सीजन मिलने लगती है। लेकिन यह सामान्य स्थिति की बात है। बीमारी की स्थिति में इससे शरीर में आक्सीजन सप्लाई बढ़ जाएगी, इस दावे में सत्यता नहीं है। गैर-औषधीय कपूर नुकसानदेह है, खासकर बच्चों के लिए।

होम्योपैथी एस्पिडोस्परमा- Q बढ़ेगी ऑक्सीजन

आयुष मंत्रालय ने लिखा है - ऑक्सीजन लेवल गिरने पर होम्योपैथी दवा एस्पिडोस्परमा-क्यू की 20 बूंद कप पानी में देना शुरू कर देने से ऑक्सीजन लेवल तुरंत मेनटेन हो जाएगा... यह दावा गलत है। ऐसा कोई भी प्रमाणित तथ्य नहीं है। यह दवाएं लक्षण के आधार पर अलग-अलग पोटेंसी के मरीजों को दी जाती हैं।

त्रिलोक्यचितामणि रस से बढ़ेगी तुरंत ऑक्सीजन

आयुष मंत्रालय ने वायरस हो रही इस पोस्ट पर लिखा है- त्रिलोक्यचितामणि रस की 1-1 गोली दिन में तीन बार देने से ऑक्सीजन लेवल तुरंत मेनटेन होगा और हमेशा बना रहेगा यह पोस्ट झूठी है। यह दवा ऑक्सीजन की मात्रा को तुरंत नहीं बढ़ाती।

नींबू का रस नाक में डालने से मरेगा वायरस

यह भी वायरल पोस्ट है, जिसमें कहा जा रहा है कि नाक में नींबू का रस डालने से कोरोना वायरस मर जाएगा। ऐसा बिल्कुल न करें, क्योंकि नाक में नींबू रस डालने से नोजल वॉल्व में खराबी आ सकती है। इससे जलन,दाने और छाले होंगे।

नाक में न डालें नींबू का रस

मेरे पास लोगों के कॉल्स आते रहते हैं कि काली मिर्च-लौंग के साथ कितनी बार चबा लें? कई लोग पूछते हैं कि नाक में नींबू का रस कितनी बार डालें? सोशल मीडिया पर इस तरह के मैसेज की बाढ़ आ गई है। लोग इतने डर गए हैं कि सब कुछ ट्राय करने को तैयार हैं। काढ़े के अलावा कई चीजों में काली मिर्च, लौंग, अजवाइन जैसी चीजों की अधिकता से अल्सर के मरीजों को परेशानी आने लगी है। बात करने पर पता चलता है यह इस सभी गर्म चीजों और वायरल मैसेज फॉलो करने की अधिकता के कारण हुआ है।

मन से होम्योपैथी लेना होगा घातक

एस्पिडोस्परमा-क्यू कार्डियेक अस्थमा की दवा है, जिसे सांस संबंधी परेशानी में दिया जाता है। लेकिन, यह कोरोना संक्रमण के मरीज के आॅक्सीजन लेवल को बढ़ा देगी, ऐसा नहीं कह सकते। यदि कोई अपने मन से दवा लेना शुरू कर दे तो परिणाम घातक हो सकते हैं। सभी के लक्षण अलग होते हैं और उनके आधार पर दवा दी जाती हैं। सीपीया-200 के छिड़काव से घर में कोरोना वायरस मर जाएगा यह दावा भी सही नहीं कहा जा सका।