कोविड पेशेंट रोज चेक करें बीपी, लेकिन स्वस्थ हैं तो हफ्तेते में सिर्फ तीन बार काफी

 17 May 2021 01:55 AM

कोरोना काल में हेल्थ डिवाइसेस का इस्तेमाल लगभग हर घर में हो रहा है। आक्सीजन सेचुरेशन से लेकर पल्स रेट तक पता करने के अलावा अब लोग पैनिक के कारण रोज ब्लड प्रेशर भी चेक कर रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक इस समय कई लोग बीपी बढ़ने की शिकायत करते हैं, जबकि यह कई बार एंग्जाइटी की वजह से बढ़ा हुआ आता है, क्योंकि डर की वजह से दिन में कई बार बीपी चेक किया जा रहा है। यह तरीका ठीक नहीं है। यदि हफ्ते में तीन बार बीपी सामान्य आ रहा है तो हर दिन बीपी चेक करने की जरूरत नहीं, जब तक कि व्यक्ति पूरी तरह से स्वस्थ है। पैनिक मोड में आकर दिन में कई बार अपना बीपी चेक करना एंग्जाइटी पैदा करेगा, जिससे बीपी बढ़ा हुआ आएगा। यदि हफ्ते में तीन बार बीपी नॉर्मल आता है तो बार-बार चेक करने की जरूरत नहीं। यदि कोई दिक्कत जैसे सिरदर्द, कमजोरी या चक्कर आना जैसा महसूस हो तब बीपी चेक करते रहें। दरअसल, गर्मियों में बीपी बढ़ने की बजाए लो भी हो जाता है, तो इसका भी ध्यान रखना होगा।

सही बीपी मापने का तरीका

ब्लड प्रेशर चेक करते समय अगरआपकी बांह आपके शरीर की सीध में है, तो इससे आपकी रीडिंग बहुत ज्यादा हाई आ सकती है, जबकि आपका ब्लड प्रेशर उतना हाई होता नहीं। रीडिंग लेते समय आपकी बांह मेज पर थोड़ी मुड़ी हुई इस तरह से हो कि कोहनी सीने की ऊंचाई पर रहे तो बीपी सही आता है।

बांह पर आर्म कफ सही ढंग से बंधा हो। ये न तो बहुत टाइट होना चाहिए और न ही बहुत ढीला। कफ बांधने के बाद आपकी स्किन और कफ के बीच एक उंगली जाने भर की जगह होना चाहिए। कफ को अपनी बांह के चारों ओर लपेटने के बाद जांच लें कि सेंसर, धमनी पर सही पोजीशन में है। एयर ट्यूब आपके हाथ के अंदर की ओर नीचे होना चाहिए।

ब्लड प्रेशर की जांच से पहले कुछ भी खाने, शराब या चाय- कॉफी पीने और स्मोकिंग से बचें।

वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे का इतिहास

वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे पहली बार 14 मई, 2005 को मनाया गया था, हालांकि, 2006 से ये दिन 17 मई को मनाया जा रहा है। यह दिन जागरूकता शुरू करने के लिए बनाया गया है, क्योंकि लोगों को इस बीमारी के बारे में उचित जानकारी नहीं है। वर्ल्ड हायपरटेंशन डे 2021 की थीम ‘अपने ब्लड प्रेशर को सटीक रूप से मापें, इसे नियंत्रित करें, लंबे समय तक जीवित रहें है।

एंग्जाइटी में आकर बार बार बीपी चेक नहीं करें

पोस्ड कोविड में बीपी की दवा कुछ दिन के लिए बंद की जाती है , क्योंकि स्टेरॉइट्स की वजह से बीपी लो रहता है। यह मरीज को अपने डॉक्टर को बता देना चाहिए कि वे ब्लडप्रेशर की दवा ले रहा है, ताकि डॉक्टर बीपी चेक करके यह निर्णय ले सकें कि पेशेंट की स्थिति के हिसाब से बीपी की दवा का डोज कितना सेट करना है। इस समय बीपी लो होना भी खतरनाक हो सकता है, क्योंकि यदि बीमार हैं तो खून सभी आॅर्गन्स तक इस स्थिति में सही से नहीं पहुंचेगा। - डॉ. दीपक चतुर्वेदी, कार्डियोलॉजिस्ट