पुरुष कुकिंग में आजमाएं हाथ, लेकिन किचन मैनेजमेंट के साथ फूड सेफ्टी का भी रखें ध्यान

 11 Jun 2021 01:39 AM

पिछले साल लॉकडाउन के दौरान पुरुषों ने कुकिंग में खूब हाथ आजमाया। इसे लेकर काफी सारी पोस्ट भी फेसबुक पर देखी और सराही गईं कि पति अपनी पत्नी का साथ किचन में निभा रहे हैं। हाल में एक मलयालम मूवी ‘द ग्रेट इंडियन किचन’ रिलीज हुई है,जो कि काफी पापुलर हो रही है। इस फिल्म में एक नव विवाहिता का किचन एक्सपीरियंस और आदमियों द्वारा किचन की कमान एक दिन हाथ में लेने के बाद रसोई का जो हाल होता है, उससे बेहतर तो लगता है कि वो महिला ही किचन में सारा काम कर लेती। भोपाल में भी कई लोगों ने किचन में अपनी लाइफ पार्टनर का साथ दिया तो किसी ने कुकिंग को लेकर अपना इंस्टाग्राम पेज भी बना लिया है।

खुद की सहूलियत के लिए सीखें किचन मैनेजमेंट

मैंने बतौर एयरहोस्टेज वर्क करती हूं। मेरा इस फील्ड का अनुभव कहता है कि लड़के लाइट में बहुत सलीके से साथ खाना खाते हैं। लेकिन दूसरी तरफ जब बात घरों की आती है तो वे टेबल मैनर्स बहुत अच्छे से फॉलो नहीं करते हैं। कई बार तो घर की बेटियों से उम्मीद की जाती है कि बेटा खाना खा लेगा तो बेटी से कह देते हैं कि प्लेट उठाकर रख दो या फिर सोफे पर बैठे-बैठे कहना है कि मां पानी देना। यह आदतें पहले पैरेंट्स ही बिगाड़ते हैं और फिर कहते हैं कि हमारे बेटे को कोई काम नहीं आता, कई बार इस बात को बड़े ही गर्वीलें अंदाज में कहा जाता है। हालांकि कोरोना काल में लड़कों के अंदर यह स्किल्स आई है और यह समय उनके लिए अच्छा है कि कुकिंग से जुड़ी बारीकियों से लेकर डिशेज को क्लीन करना भी सीखें। इसके अलावा टेबल और किचन मैनेजमेंट भी उन्हें आना चाहिए, इससे अकेले रहने पर उन्हें ही सहूलियत होगी।

खुद का इंस्टाग्राम पेज ‘द अनसंग शेफ’ बनाया

मैंने भी जब किचन में वाइफ प्रियंका का साथ देना शुरू किया था,तो चीजों को साफ करने के लिए ज्यादा बर्तन निकाल लेता था । बर्तन धोने के लिए ज्यादा हो जाते थे लेकिन पांच-छह दिन में सब सिस्टमेटिक हो गया,क्योंकि मैं वाइफ की मदद करना चाहता था न कि उसका काम बढ़ाना। मैंने वीडियोज देखकर चीजों को समझा और फिर मैंने मिठाईयों पर खूब काम किया, क्योंकि बाहर से खाने के कुछ स्पेशल मिल नहीं रहा था, तो मैंने छेना मूर्ति, बालूशाही, रसमलाई, अप्पम जैसी स्पेशल चीजें बनाई। अब तो मेरा द अनसंग शेफ नाम से इंस्टाग्राम पेज भी बन गया है। मुझे लगता है कि किचन में काम करने से पहले सही ढंग से प्लानिंग की जाए तो काम बिखरता नहीं है।

काम कम फैलावा ज्यादा

यह सही है कि जब पुरुष किचन में काम करते हैं तो काम कम फैलावा ज्यादा होता है। घर में जब खाना खाते है टेबल मैनर्स उतने ध्यान में नहीं रखते और होटल में सलीके का ध्यान रखते हैं। यह फिल्म मैंने भी देखी और मुझे लगता है कि यह सभी पुरुषों और उनकी मांओं को भी देखना चाहिए,ताकि वे अपने बेटों को बचपन से आदतें सिखाएं तो बेहतर रहेगा।