रंगश्री की प्रस्तुति में ‘पंचतंत्र’का संदेश

 20 Nov 2020 12:42 AM

पं. विष्णु शर्मा द्वारा रचित ‘पंचतंत्र’ विश्वभर की प्राचीन नीति कथाओं में सर्वाधिक लोकप्रिय कथा संग्रह है। जानवरों द्वारा एकता और मैत्री के संदेश देने वाली कहानी पर आधारित नृत्यनाटिका की प्रस्तुति गुरुवार को रंगश्री बैले ट्रुप की अभ्यास शाला में हुई। अवसर था संस्थान की संस्थापक पद्मश्री नृत्यांगना स्व. गुलबर्धन की 93वीं जयंती का। कहानी में दिखाया कि महलरोप्या के राजा अमरशक्ति के राजकुमारों को शिक्षित करने के जब सभी यंत्र विफल हो गये तो पं. विष्णु ने जीव-जंतुओं पर आधारित रंजक कहानियों से उन्हें शिक्षित किया।

ऐसे हुई शुरुआत

पहला दृश्य चिड़िया के जन्मोत्सव का है । चिड़ियों के क्षेत्र में एक शिकारी कुत्ते के साथ आता है और दाने डाल कर चिड़िया पकड़ने के लिए जाल बिछा देता है। समझदार कौआ यह देख लेता है और परिंदों के झुंडों को सावधान करता है। कबूतरों का झुंड कौवे पर विश्वास नहीं करता और जाल में फंस जाता है । बाद में सारे कबूतर आजाद हो जाते हैं।