ईमानदारी की जरूरत काम तक, फिर रह जाते हैं किस्से

 06 Mar 2021 01:17 AM

कल्चर की ओर से शहीद भवन में आयोजित सातवें करुणेश नाट्य समारोह में शुक्रवार को नाटक ‘मजनू लाउंसमेंट’ का मंचन किया गया। इसका निर्देशन कुलदीप कुणाल ने किया है। इसकी कहानी तारा पांचाल की स्टोरी बेस्ड है। नाटक में दिखाया गया है कि मजनू लाउंसमेंट एक समय में शहर का हीरो हुआ करता था। अब मुनादी का काम खत्म हो चुका और इस मजनू ने पूरा जीवन मुनादियां कर ही बिताया है। निर्देशक कुलदीप ने बताया कि नाटक की कहानी एक मजनू लाउंसमेंट की है। गांव में एनांउसमेंट की जगह लाउसंमेंट बोलते हैं, जिसे हिंदी में मुनादी कहते हैं। इसमें नाटक में यह संदेश दिया है की ईमानदारी से काम करने वालों की जरूरत तब तक है, जब तक वो काम करते हैं, उसके बाद वो केवल किस्सों में ही रह जाते हैं।