गीतों के राजकुमार कवि कुंवर के जाने से साहित्य जगत ‘बेचैन’

 30 Apr 2021 01:44 AM

देश के वरिष्ठ कवि गीतकार डॉ. कुंवर बेचैन का गुरुवार को कोरोना से निधन हो गया। डॉ. कुंवर बेचैन ने गीत, गजल, उपन्यास जैसी कई विधाओं में साहित्य सृजन किया। गोपाल दास नीरज जी को गीतों का सम्राट कहा जाता था, वहीं डॉ. कुंवर बेचैन गीतों का राजकुमार के नाम से मशहूर थे। उन्होंने भोपाल में आखिरी बार 25 जनवरी 2021 को राष्ट्रीय कवि प्रदीप सम्मान अलंकरण समारोह में शिरकत की थी। उनके साथ शहर के जाने माने कवियों ने भी मंच साझा किया था। उनके साथ मंच साझा कर चुके कवियों ने आईएम भोपाल से उनकी यादों को साझा किया।

1डॉ.कुंवर बेचैन को आर्दश मानता था

बेचैन गोपाल दास नीरज जी के बाद देश के वरिष्ठतम कवि थे। मैंने करीब 42 साल पहले उन्हें सरस ऋतु के मेले में पहली बार सुना था। उसके बाद सौभाग्य से उनके साथ कई बार मंच पर साथ कविताएं पढ़ने का मौका मिला। हम लोग जोहान्सबर्ग में विश्व हिंदी सम्मलेन हुआ था, वहां भी साथ गए थे। कुछ साल पहले मेरी पिताजी की स्मृति में कवि सम्मलेन हुआ था उसमें भी उन्होंने शिरकत की थी। मैं उन्हें अपना आदर्श मानता था उनसे बहुत कुछ सीखा है और यह देश के लिए अपूर्णीय क्षति है। - पवन जैन, आईपीएस व कवि

कवि के साथ बहुत अच्छे पेंटर भी थे

कुंवर बेचैन जी से साथ कई मंच साझा किए हैं। दो यात्रा विदेशों की भी हैं, जिसमें 15 दिन कुंवर जी के साथ यूके में गुजारे थे। कवि के साथ वह बहुत अच्छे चित्रकार भी थे। उनके घर में एक लाइब्रेरी है। जितना अच्छा वह लिखते थे, उतना अच्छा वह पढ़ने वाले थे। उनकी एक विशेषता थी कि वह जितने भी कवि सम्मेलन में शामिल हुए, वहां उनका डॉक्यूमेंटेशन करते थे, एक डायरी होती थी, उनमें किस कवि ने क्या पढ़ा ? मंच पर कौन आया यह सब लिखते थे। उनके पास ऐसी कई डायरी हैं। - मदन मोहन समर, कवि

मेरे गीत संग्रह की भूमिका लिखी थी

डॉ. कुंवर बेचैन से मेरा नाता 32 वर्ष पुराना है। पहला परिचय 1992 में जयपुर के कवि सम्मेलन में हुआ था। वह बहुत विराट व्यक्तित्व के धनी थे और बहुत ही सीधे सरल व्यक्ति थे। उन्होंने मेरे गीत संग्रह ‘आ मन तुमसे बात करूं’ की भूमिका भी लिखी थी। उनकी रचनाएं सकारात्मकता से ओत-प्रोत हैं। उनका जाना हिंदी कविता का सूर्य का अस्त होने जैसा है। मेरी आखिरी मुलाकात भोपाल में दो महीने पहले प्रदीप सम्मान में हुई थी, जो यादगार रहेगी। -डॉ. अनु सपन, कवयित्री