जनजातीय संग्रहालय में जल्द दिखेंगे सात पारंपरिक आवास

 18 May 2021 02:02 AM

18 मई को विश्व के विभिन्न स्थलों में संग्रहालय रंगबिरंगे कार्यक्रम आयोजित कर संग्रहालय दिवस मनाया जाता है, ताकि अधिकाधिक लोग संग्रहालय के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें और संग्रहालय के सामाजिक कृत्यों को पूरा कर सकें। 18 मई, 1977 को पहला इंटरनेशनल म्यूजियम डे घोषित किया था, लेकिन कोरोना काल में जहां शहर के सारे संग्रहालय इस समय बंद हैं ऐसे में आनलाइन माध्यम से लोग संग्रहालय विजिट कर रहे हैं। साथ ही शहर का प्रतिष्ठित जनजातीय संग्रहालय आने वाले समय में शहरवासियों के लिए नई सौगात लेकर आ रहे हैं, जहां मप्र के आदिवासी समुदाय के आवास और उनका रहन सहन जानने को मिलेगा। वहीं मानव संग्राहलय द्वारा आनलाइन सप्ताह के प्रादर्श और आनलाइन प्रदर्शनी लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से दिखाई जा रही है।

संग्रहालय के 1 लाख 43 हजार विजिट

मप्र की जनजातियों का यही ठेठ देसी अंदाज, उनकी संस्कृति, रहन-सहन, पहनावा, खान-पान जल्द ही मप्र जनजातीय संग्रहालय में देखने को मिलेगा। संग्रहालय में प्रदेश की गोंड, भील, कोरकू, बैगा,सहरिया, कोल, भारिया जैसे आदिवासी समुदायों के घर तैयार किए जा रहे हैं। अभी कोरोना कर्यू के चलते काम बंद कर दिया गया है। तीन आवास भील, कोरकू और गोंड के मकान अभी लगभग कंप्लीट हो चुके हैं। वहीं 2021 के वर्चुअल टूर के आंकड़ों के अनुसार अब तक 1 लाख 43 हजार लोग संग्रहालय विजिट चुके हैं।

दो प्रदर्शनी के जरिए दिखाई भारतीय परंपरा

2 हजार से अधिक लोग पिछले डेढ़ माह से मानव संग्रहालय को वर्चुअल माध्यम से विजिट कर रहे हैं। साल 2020 के लॉकडाउन से हमने एक सीरीज जारी रखी है, जहां हर सोमवार को ‘सप्ताह का प्रादर्श’ और गुरुवार को ‘आनलाइन प्रदर्शनी’ दिखाई जाती है। वहीं वर्चुअल टूर की बात करें तो इसमें पोरल हिमालय ट्रेडिशनल प्रवेश द्वार, आंध्रप्रदेश का कने ब्रिज, ट्रेडिशनल टेक्नोलॉजी पार्क, मणिपुर का ट्राइबल कंगला गेट, एग्जीबिशन गैलरी को देखे जा सकते हैं। इसे अभी तक दो हजार से ज्यादा विजिटर्स ने विजिट किया है।