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समाज में फूट डालने का काम अंग्रेजों ने शुरू किया था: मनोज इंद्रा

 18 Jul 2021 01:45 AM

पब्लिशिंग हाउस और लैंडमार्क द बुक स्टोर की तरफ से ‘शनिवार की शाम लेखक के नाम’ का आयोजन आॅनलाइन किया गया। इसके अंतर्गत लेखक और पूर्व आईएएस मनोज कुमार श्रीवास्तव के साथ उनकी पुस्तक ‘अपराजिता’ पर इंद्रा पब्लिशिंग हाउस की चीफ एडिटर दीपाली गुप्ता ने चर्चा की। पुस्तक का प्रकाशन इंद्रा पब्लिशिंग हाउस द्वारा किया गया है। इस मौके पर मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि देवी- देवताओं पर तो बहुत-सी किताबें हैं, लेकिन आज के आधुनिक युग में वो किस प्रकार शामिल हैं, इसे पुस्तक अपराजिता में रेखांकित किया गया है। इसमें दुर्गा, काली, द्रौपदी, राधा, राम की शक्तिपूजा सीता और कृष्ण की योगमाया के बारे में आधुनिक तरीके से व्यक्त किया है। उन्होंने पुस्तक के बारे में कहा कि भारतीय समाज में फूट डालने का जो मिशन पहले अंग्रेजों ने शुरू किया था, अब वह कैंपेन कुछ नए क्षितिज छू रहा है। इस नए प्रकल्प में दानव, दैत्य, राक्षस और असुर समकालीन दलित, वंचित और आदिवासियों से समीकृत किए जाएंगे और देवगण सवर्णों से। इस नए समीकरण के जरिए हमारे हर पर्व को जातीय संकीर्णताओं की बहसों में दूषित किया जाएगा। इस अल्टरनेटिव रीडिंग का लक्ष्य हमारे समय और समाज को प्रगतिशील बनाना नहीं होगा, बल्कि उनमें स्पष्ट दिखाई देने वाली समस्त प्रगतिशीलताओं को भेदभावों के धुएं में आवृत्त करना है।