संग्रहालय में स्थापित है असम के वैष्णव मठ का पारंपरिक द्वार कारापात माजुली

 01 May 2021 12:30 AM

कारापात - माजुली, असम के वैष्णव मठ का एक पारंपरिक द्वार है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय द्वारा आयोजित आॅनलाइन प्रदर्शनी में इसे दिखाया गया है। दर्शक इसे संग्रहालय के फेसबुक पेज, इंस्टाग्राम व वेबसाइट पर देख सकते हैं। इस संदर्भ में संग्रहालय के निदेशक डॉ. प्रवीण कुमार मिश्र ने बताया की माजुली असम की विशाल नदी ब्रह्मपुत्र में एक द्वीप है। माजुली नव-वैष्णव आंदोलन है, जो 15 वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में जागृत हुआ था। साल 2019 में स्थापित किया संग्रहालय में: असम के इतिहास में माजुली को 16 वीं शताब्दी में श्रीमंत शंकरदेव और उनके अग्रणी शिष्य माधवदेव की ऐतिहासिक मुलाकात के लिए याद किया जाता है, जिसे मणिकंचन संजोग के रूप में जाना जाता है, जिससे असम में नव-वैष्णव आंदोलन को बढ़ावा मिला। कहा जाता है कि शंकरदेव ने एक बिल्वा वृक्ष लगाकर द्वीप पर प्रथम सत्र स्थापित किया और उसका नामकरण बेलगुरी किया। इस श्रृंखला के अंतर्गत इस बार माजुली, असम के कमलाबाड़ी सत्र के पारंपरिक द्वार की प्रतिकृति के बारे में जानकारी दी जा रही है, जिसे वर्ष 2019 में संग्रहालय परिसर में प्रवेश द्वार क्रमांक दो के नजदीक स्थापित किया गया है।